बकरी ने जुड़वा टेस्ट ट्यूब मेमनों को जन्म दिया
यहां स्थित केंद्रीय बकरी शोध संस्थान में वैज्ञानिकों ने सफलतापूर्वक बकरी के जुड़वा बच्चों का जन्म कराया। नर मेमने को अजात और मादा मेमने को अजाति नाम दिया गया है। सिरोही नस्ल की बकरी ने इन्हें जन्म दिया है। बकरी की यह नस्ल अर्ध-शुष्क जलवायु परिस्थितियों में पाई जाती है और उच्च ताप को आसानी से सहन कर लेती है।
'गोट इम्ब्रियो' परियोजना के तहत वैज्ञानिकों ने आगरा के कसाईगृह से आठ बकरियों से अंडे इकट्ठे किए थे। इनमें से दो अंडों के साथ ही उनका प्रयोग सफल हुआ।
मथुरा जिले के इस संस्थान में सबसे पहले 2006 में बकरी के टेस्टट्यूब मेमने का जन्म सफल हुआ था। दूसरी सफलता बुधवार को मिली।
संस्थान के निदेशक देवेंद्र स्वरूप के मुताबिक इस सफलता से पारम्परिक नस्लों से अच्छी गुणवत्ता के प्रजनन के द्वार खुले हैं।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने फराह के नजदीक मख्दूम गांव में 12 जुलाई, 1979 को इस संस्थान को स्थापित किया था। बकरियों में प्रजनन और उनके इस्तेमाल के हर पहलू से संबंधित अनुसंधान के लिए इसकी शुरुआत हुई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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