अमरीका: शुरुआती नतीजे रिपब्लिकन के पक्ष में

दरअसल अमरीका में प्रत्येक दो वर्ष बाद मध्यावधि चुनाव होते हैं. इन चुनावों में हाउस ऑफ़ रिप्रेज़ेंटेटिव यानी प्रतिनिधि सभा के सदस्यों और सीनेट के लिए एक तिहाई सदस्यों को चुना जाता है.ऐसी आशंका जताई जा रही है कि बराक ओबामा की डेमोक्रेटिक पार्टी इन चुनावों में प्रतिनिधि सभा में अपना बहुमत खो सकती है, लेकिन सीनेट को अपने कब्ज़े में रख सकती है.दरअसल विपक्षी रिपब्लिकन पार्टी को अर्थव्यवस्था पर मतदाताओं के असंतोष का फ़ायदा मिल सकता है.
रिपब्लिकन आगे
इन चुनावों में प्रतिनिधिसभा के 435 प्रतिनिधि चुने जाएंगे साथ ही सीनेट की 100 में से 37 सीटों पर भी मतदान हुआ है.सर्वेक्षणों में रिपब्लिकन पार्टी का पलड़ा भारी बताया जा रहा हैइसके अलावा अमरीका के 50 में से 37 राज्यों के गवर्नर भी चुने जाएंगे.अब तक आए सर्वेक्षणों में लगातार रिपब्लिकन पार्टी के प्रतिनिधि सभा में बहुमत हासिल करने के संकेत मिले हैं लेकिन सीनेट के लिए दोनों दलों में कांटे की टक्कर है.
ग़ौरतलब है कि इस समय सीनेट और प्रतिनिधि सभा दोनों में राष्ट्रपति बराक ओबामा की डेमोक्रेटिक पार्टी का बहुमत है.अगर दोनों सदनों में डेमोक्रेटिक पार्टी अपना बहुमत खो देती है तो राष्ट्रपति ओबामा के लिए विधेयक पारित करवाना, प्रशासन में अपनी पसंद के लोगों की नियुक्ति कराना और कांग्रेस से अपनी बातें मनवाना मुश्किल हो जाएगा.
साथ ही राष्ट्रपति ओबामा को अपने एजेंडे पर काम करने में बाधाएं आएंगी और अगले राष्ट्रपति चुनाव में उनके दोबारा चुने जाने की संभावना भी कम हो जाएगी.हालांकि नकारात्मक नतीजों के बाद भी राष्ट्रपति ओबामा को अगले दो साल तक यानी अगले राष्ट्रपति चुनाव तक कोई ख़तरा नहीं है.












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