सोनिया की स्पीच से गायब 'CWG' और 'आदर्श', गाया यूपीए पुराण
ना तो सोनिया ने राष्ट्रमंडल खेलों के नाम पर हुई धन उगाही के बारे में कुछ कहा और ना ही उन्होंने महाराष्ट्र में शहीदों का मजाक उड़ाने वाले शर्मनाक आदर्श घोटाले पर कुछ कहा। जबकि उम्मीद जताई जा रही थी शायद सोनिया गांधी के जुबान से कुछ ऐसे बाण निकलेंगे जिनसे आरोपियों के दिमाग ठंडे हो जायेंगे। लेकिन अफसोस ऐसा कुछ भी नहीं हुआ। हैरानी की बात तो ये रही ये वो ज्वंलत मुद्दे है जिन पर कांग्रेस की ही किरकिरी हो रही है।
जबकि कांग्रेस की शुरूआती चलाई गई कुछ योजनाओं का बखूबी बखान जरूर किया गया। साथ ही सोनिया ने केन्द्र की योजनाओं के फलीभूत ना होने के पीछे राज्य सरकारों को दोषी ठहराया जिसमें उत्तर प्रदेश और बिहार का नाम सर्वोपरी रहा। सोनिया अयोध्या फैसले पर बोलते हुए कहा कि हाईकोर्ट के फैसले का सम्मान करती हू लेकिन बाबरी विध्वंस के दोषियों को बख्शा नहीं जायेगा। ये एक शर्मनाक घटना थी।
बढ़ती महंगाई के लिए भी सोनिया ने चिंता जताई और उचित समाधान का वादा भी किया। जबकि सुलगती कश्मीऱ घाटी के बारे में उन्होंने कहा कि वहां जो कुछ भी हुआ है वो बेहद ही तकलीफ देय है, मैं वहां के आवाम से गुजारिंश करती हूं कि वो उमर सरकार को थोड़ा वक्त दे, उन्हें पूरा भरोसा है कि उनका विश्वास टूटेगा नहीं।
जबकि सोनिया गांधी ने आने वाले समय में होने वाले विधानसभा चुनावों पर जोर दिया और पार्टी कार्यकर्ताओं से अभी से सक्रिय हो जाने की अपील की। सोनिया ने कहा कि हमने कई राज्यों में दूसरी पार्टियों के साथ तालमेल बनाया है। हम अन्य पार्टियों का सम्मान करते हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि हम अपनी पार्टी की ताकत को बढ़ाना या राजनीतिक जगह बनाना छोड़ दे।













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