हरियाणा: आरी से काटा था पत्नी का गला

सतपाल के अनुसार उसने मारपीट के दौरान जब रानी बेहोश हो गई तो उसने उसका आरी से सिर काटा और इस टुकड़े को तकिये के कवर में डाल दिया। इसके बाद उसने शव को खुर्द बुर्द करने के इरादे से उसने रानी के सारे कपड़े उतार दिए और हाथ बांध कर एक चादर की गठड़ी बनाकर लाश उसमें बांध दी।
देर रात को उसने साइकिल उठाई और लाश की गठड़ी को उस पर लाद कर शहर से करीब 8 किलोमीटर दूर गांव झोपड़ा के पास स्थित सुखचैन डिस्ट्रीब्यूटरी के किनारे गहरे गड्ढे में फेंक आया। बाद में सिर को उठाया और चतरगढ़पट्टी स्थित जलघर की डिग्गी में फेंक आया। सतपाल ने बताया कि 20 अक्टूबर की रात को वह दिहाड़ी से जब रात को घर आया और खाना खाने के बाद जैसे ही सोने की तैयारी कर रहा था तो एकाएक उसका पत्नी रानी से झगड़ा हो गया।
तीन बच्चों के पिता सतपाल के अनुसार इस झगड़े की वजह कोई और नहीं बल्कि उसका चरित्र ही था। वह उसे समझा रहा था कि कोई भी गलत कार्य न करे। यदि नहीं मानेगी तो वह उसे मार देगा। इस पर उसकी बीवी ने उससे कहा कि वह उसे क्या मारेगा? बल्कि वह खुद ही उसे मरवा देगी।
इस पर उसे गुस्सा आ गया और वह सब कुछ भूल बैठा। रानी और सतपाल के बीच पिछले करीब दो सालों से झगड़ा चल रहा था। सतपाल को संदेह होने लगा था कि उसकी बीवी के किसी और से भी संबंध हैं। सतपाल के अनुसार वह जब भी घर में आता तो उसकी बीवी उसे नहीं मिलती थी। ऐसा कोई एकबार नहीं बल्कि कई बार हुआ। यही संदेह हत्या का कारण बना है।












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