बिहार चुनाव: दूसरे चरण का मतदान

इन 623 में से केवल 46 महिलाएँ हैं. जिन छह ज़िलों मे मतदान होना है, वे हैं- दरभंगा(10 सीटें), सीतामढी (आठ सीटें), समस्तीपुर(10 सीटें), मुज़फ़्फ़रपुर(आठ सीटें), पूर्वी चंपारण(आठ सीटें) और शिवहर(एक सीट).
शुक्रवार की रात शिवहर ज़िले के श्यामपुर भटहा पुलिसथाना इलाक़े के झिटकहियां गाँव के पुल पर पुलिस की जीप पर हुए हमले के बाद सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है. शिवहर और बेलसंड विधानसभा क्षेत्र के मतदान समय को सात बजे सुबह से शाम के तीन बजे तक का कर दिया गया है. मीनापुर, पारो और साहेबगंज में भी मतदान का यही समय रहेगा.
बिहार के बीस ज़िले जो नक्सल प्रभावित क्षेत्रो की पहली सूची में हैं, उनमें से दो ज़िलों पर मतदान रविवार को होना है.-सीतामढी और शिवहर. सभी मतदान केंद्र की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी केंद्रीय सुरक्षा बलों को सौंपी गई है. सुरक्षा के तीन चक्र होंगे और हवाई निगरानी भी रखी जाएगी. ऐहतियात के तौर पर नेपाल से लगी सीमाओं को भी सील कर दिया गया है. पच्चीस हज़ार पच्चीस इलेक्ट्रॉनिक मशीन का इस्तेमाल इस चरण में होगा. 44000 हज़ार मतदान अधिकारी होंगे.
इस दौर में कांग्रेस और बहुजन समाज पार्टी ने सभी सीटों पर उम्मदीवार खड़े किए हैं. जद (यू) ने 28, भाजपा ने 17, राजद ने 34, लोकजनशक्ति पार्टी ने 11 सीटों पर उम्मदीवार खडे किए हैं. वामदलो के कुल मिलाकर 28 उम्मीदवार मैदान में हैं. 24 उम्मीदवारों के साथ कांटी सबसे ज़्यादा उम्मीदवारों वाली सीट बन गया है और सबसे कम उम्मीदवारों वाली सीट है आरक्षित सीट रोसड़ा जहाँ से केवल छह उम्मीदवार मैदान में हैं.
इस चरण में कई बड़े नेताओं के भाग्य का फैसला होगा. उनमें से प्रमुख हैं- राष्ट्रीय जनता दल के वरिष्ठ नेता और बिहार प्रदेश अध्यक्ष अब्दुल बारी सिद्दीक़ी अलीनगर विधानसभा क्षेत्र से, जनता दल (यूनाइटेड) के बिहार प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी सरायरंजन विधानसभा सीट से, जद (यू) के मंत्री रामनाथ ठाकुर समस्तीपुर से और शाहिद अली ख़ान सुरसंड से.
चुनाव आयोग को 27 नवंबर से पहले नई सरकार का चुनाव कर लेना होगा. 243 सीटों के इस विधानसभा में 38 सीटें अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित हैं और दो अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं.












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