'हाथी' बना राष्ट्रीय धरोहर

नई दिल्ली। पर्यावरण मंत्रालय ने हाथियों के संरक्षण की दिशा में कदम उठाते हुए शुक्रवार को उन्हें राष्ट्रीय धरोहर पशु घोषित कर दिया। राष्ट्रीय वन्य जीव बोर्ड (एनबीडब्ल्यूएल) की स्थाई समिति की गत 13 अक्टूबर को हुई बैठक में हाथियों को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने वाले प्रस्ताव को मंजूरी दी गई थी। इसके बाद पर्यावरण मंत्रालय ने शुक्रवार को इस सम्बंध में अधिसूचना जारी की।

हाथियों के लिए बनाए गए कार्य बल ने गत 31 अगस्त को अपनी रिपोर्ट में हाथियों को विशेष दर्जा देने की सिफारिश की थी। उसने कहा था कि ऐसा करने से हाथियों के संरक्षण में मदद मिलेगी। पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने रिपोर्ट को जारी करते समय कहा था कि हाथी 'युगों से हमारी धरोहर के हिस्सा रहे हैं।' बाघों की तरह इनकी भी सुरक्षा करने की आवश्यकता है।

समिति में शामिल 12 सदस्यों ने राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनईसीए) की तर्ज पर राष्ट्रीय हाथी संरक्षण प्राधिकरण (एनईसीए) के गठन पर भी जोर दिया है। उल्लेखनीय है कि देश में करीब 25,000 हाथियां हैं, जिनमें से करीब 3,500 लोगों के अधीन हैं। यही नहीं एशिया की 60 प्रतिशत हाथियों की आबादी भारत में रहती है।

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