श्रीलंका में अब मात्र 20,000 विस्थापित
विदेश मंत्री अपने श्रीलंकाई समकक्ष जी.एल पेइरिस से वार्ता के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने बताया कि श्रीलंका सरकार ने वहां के अल्पसंख्यकों को अधिकार देने के लिए कदम उठाने का वादा किया है।
श्रीलंका के विदेश मंत्री पेइरिस से हुई वार्ता के बारे में कृष्णा ने पत्रकारों को बताया, "हमने आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों (आईडीपी) के पुनर्वास के बारे में बातचीत की है। उन्होंने बताया कि देश में विस्थापितों की संख्या घटकर 20,000 रह गई है।"
भारतीय विदेश मंत्री ने बताया कि उन्होंने बातचीत में अधिकारों के हस्तांतरण के मुद्दे को भी उठाया। इसके जवाब में पेइरिस ने बताया कि इस दिशा में काम शुरू कर दिया गया है।
पेइरिस ने कृष्णा के इस महीने के अंत में प्रस्तावित श्रीलंका दौरे पर भी बातचीत की। कृष्णा 27 से 31 अक्टूबर तक श्रीलंका के दौरे पर जाने वाले हैं।
उल्लेखनीय है कि श्रीलंका सेना द्वारा पिछले साल लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (लिट्टे) के खिलाफ चलाए गए अभियान में लाखों की संख्या में लोग विस्थापित हो गए थे। इनमें से ज्यादातर तमिल हैं। इन लोगों ने राहत शिविरों में शरण ले रखी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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