प्लास्टिक से बच्चों में प्रोस्टेट कैंसर का खतरा
वैज्ञानिकों ने इसका परीक्षण चूहों के जन्मे बच्चों पर किया। परीक्षण में चूहों को बिसफेनोल-ए खिलाया गया। बिसफेनोल-ए रसायन का इस्तेमाल ज्यादातर प्लास्टिक के निर्माण में किया जाता है। परीक्षण में चूहों की उम्र बढ़ने के साथ ही उनमें पूर्व कैंसर कोशिकाओं के विकास होने की संभावना देखी गई।
वैज्ञानिकों का कहना है कि उनका यह निष्कर्ष बच्चों के स्वास्थ्य से सीधे तौर पर जुड़ा है। पत्रिका रिप्रोडक्टिव टॉक्सीकोलोजी के अनुसार वैज्ञानिकों की यह चेतावनी यूरोप के खाद्य पदार्थो की निगरानी करने वाली एजेंसी के उस बयान के बाद आया है, जिसमें कहा गया है कि इतनी रसायन की मात्रा मनुष्य रोजाना ग्रहण करता है। रसायन की इस मात्रा से नुकसान पहुंचने की संभावना काफी कम है।
समाचार पत्र डेली मेल के मुताबिक फूट स्टैंडर्ड एजेंसी ने कहा है कि रसायन बिसफेनोल-ए में नुकसान करने की क्षमता नहीं है। लेकिन ताजा अध्ययन ने इस रसायन को लेकर चिंता जाहिर की है। इस रसायन का इस्तेमाल सीडी, धूप के चश्मे, प्लास्टिक चाकू, कांटे, मोबाइल फोन के निर्माण में किया जाता है।
इलीनाएस विश्वविद्यालय के शोधकर्ता गेल प्रिंस ने बताया, "प्रोस्टेट स्वास्थ्य के बारे में जो नतीजे सामने आए हैं, वे बिसफेनोल-ए के संपर्क में आने वाले मनुष्य के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं।"
उल्लेखनीय है कि बिसफेनोल-ए को पहले भी स्तन, प्रोस्टेट कैंसर और हृदयघात से जोड़कर देखा गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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