सियासी दायरा बढ़ाने की कोशिश में दूसरे राज्यों के दल
पटना, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। बिहार में इस बार का विधानसभा चुनाव कई मायनों में अलग है। कई दूसरे राज्यों क्षेत्रीय दल भी इस बार बिहार में अपनी पहचान बनाने की तैयारी में जुटे हैं और कई सीटों पर अपने प्रत्याशी भी उतारे हैं।
उत्तर प्रदेश में सतारूढ़ बहुजन समाज पार्टी (बसपा) इस चुनाव में सभी 243 सीटों पर प्रत्याशी उतारने की घोषणा की है। ऐसा नहीं कि बसपा पहली बार यहां चुनाव लड़ रही है परंतु यह पहला मौका है जब सभी सीटों पर उसके प्रत्याशी अन्य दलों को मुकाबला देंगे। पिछले पांच वषरें में बसपा की सियासी गतिविधियां भी बिहार में बढ़ी है। पिछले दिनों बसपा का पटना में कार्यकर्ता सम्मेलन भी हुआ जिसमें बसपा अध्यक्ष मायावती ने शिरकत भी की। पिछले विधानसभा चुनाव में भी बसपा के चार विधायक जीते थे तथा 4़17 प्रतिशत मतदाताओं के वोट इस पार्टी को मिले थे।
उत्तर प्रदेश में अपनी पहचान रखने वाली समाजवादी पार्टी (सपा) इस चुनाव में अकेले 150 सीटों पर प्रत्याशी उतारने की घोषणा की है। वह पिछले लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के साथ चुनाव मैदान में उतरी थी।
सपा के प्रदेश अध्यक्ष तुलसी सिंह भी कहते हैं कि उनकी पार्टी इस चुनाव में अपनी पूरी ताकत के साथ चुनाव मैदान में उतर रही है। वह कहते हैं कि बिहार में सपा के पास खोने के लिए कुछ भी नहीं है। फरवरी 2005 में हुए विधानसभा चुनाव में सपा के चार प्रत्याशी विजयी हुए थे परंतु नवम्बर में हुए विधानसभा चुनाव में सपा के दो ही प्रत्याशी ही विजय पताका फहरा सके थे। दीगर है कि कलांतर में ये दोनों विधायक जनता दल (युनाइटेड) में शामिल हो गए थे।
इधर, महराष्ट्र में अपनी चमक बनाने वाले राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) इस चुनाव में बिहार में भी अपने लिए जमीन तलाश रही है। इस चुनाव में राकांपा 150 सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने जा रही है। फरवरी, 2005 के विधानसभा चुनाव में राकांपा 25 सीटों पर लड़ी थी परंतु उसके तीन उम्मीदवार ही जीत सके थे। नवम्बर, 2005 में राकांपा राजद के साथ समझौता कर आठ प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतारे। परंतु यह तर्जुबा भी उसके लिए अच्छा नहीं रहा और सिर्फ एक सीट पर ही उसका प्रत्याशी जीत सका तथा सिर्फ 0़ 79 प्रतिशत वोट ही मिल सके। पार्टी के महासचिव तारिक अनवर राकांपा को नए सिरे से राज्य में खड़ा किया है। पिछले दिनों केन्द्रीय मंत्री शरद पवार ने राज्य का दौरा भी किया था।
इसके अलावा झारखंड में सतारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) भी इस चुनाव में 87 सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की है। झामुमो के नेता एवं पूर्व मंत्री मथुरा महतो आईएएनएस को बताया कि बिहार में पहली बार झामुमो चुनाव मैदान में उतर रही है। उन्होंने कहा कि झारखंड से सटे सभी विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी अपने प्रत्याषी उतारेगा। उन्होंने कहा कि झामुमो पूरी ताकत के साथ इस चुनाव में उतर रही है। झारखंड की एक अन्य पार्टी झारखंड विकास मोर्चा भी बिहार में अपनी पैठ बनाने के लिए करीब दो दर्जन सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़े करने की योजना बनाई है।
गौरतलब है कि बिहार विधानसभा के 243 सीटों पर छह चरणों के तहत 21 अक्टूबर से 20 नवम्बर तक चुनाव होने हैं और सभी सीटों के लिए मतगणना 24 नवम्बर को होगी। इसके बाद ही पता चल पाएगा कि कौन दल बिहार के मतदाताओं को आकर्षित कर सका।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications