कृषि क्षेत्र में 4 प्रतिशत वृद्धि की जरूरत : अहलूवालिया
कृषि विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की यहां आयोजित एक बैठक में अहलूवालिया ने कहा, "इसके लिए कृषि में ज्ञान प्रबंधन में अधिक निवेश, सांस्थानिक सहयोग और विविधीकरण की आवश्यकता है।"
अहलूवालिया ने विश्वविद्यालयों से देश में कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा की मजबूती के लिए नए दृष्टिकोण अपनाने को कहा। उन्होंने कहा, "कृषि विश्वविद्यालय, उद्योग जगत की मदद से अनुसंधान आधारित परियोजनाएं मुहैया कराकर इस दिशा में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।"
देश में राष्ट्रीय कृषि अनुसंधान प्रणाली की भूमिका की सराहना करते हुए अहलूवालिया ने कृषि अनुसंधान संस्थानों में काम कर रहे वैज्ञानिकों से आग्रह किया कि उन्हें खाद्य सुरक्षा एवं जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच 12वीं पंचवर्षीय योजना में खुद को नए रूप में पेश करना चाहिए।
कृषि वृद्धि दर और भारत एवं चीन की भू-उत्पादकता में अंतर का जिक्र करते हुए अहलूवालिया ने इन दोनों मुद्दों पर अधिक अनुसंधान पर जोर दिया।
अहलूवालिया ने विश्वविद्यालयों को वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के बदले अनुसंधान परियोजनाओं को कोष उपलब्ध कराने की एक नई व्यवस्था का भी सुझाव दिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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