तम्बू में रहने को मजबूर है पाक लोक गायिका
बाढ़ में 65 वर्षीय जारसांगा का घर बह गया था, जिसके बाद से वह अपने परिवार के साथ तम्बू में रह रही हैं।
जारसांगा ने 'न्यूज इंटरनेशनल' को बताया कि उन्होंने 45 साल तक पश्तो संगीत की सेवा की है और जर्मनी, अमेरिका, रूस व अफगानिस्तान में कार्यक्रम दिए हैं।
उन्होंने बताया कि सरकार ने तो उन्हें रहने के लिए एक तम्बू तक मुहैया नहीं कराया था और उनके एक ठिकाने को किसी दूसरे को दे दिया था।
जारसांगा खानबदोश कबीले की हैं। यह कबीला गर्मियों के दिन अफगानिस्तान में और सर्दियां लक्की मारवत में बिताता है।
उन्होंने बताया कि देश में आई भारी बाढ़ के बाद वह एक बार फिर खानाबदोश बन गई हैं और न तो प्रांतीय सरकार को और न ही संस्कृति मंत्रालय को उनकी कोई परवाह है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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