राष्ट्रमंडल खेल : नेहरू स्टेडियम में हुआ भारत का 'जय हो'
नेहरू स्टेडियम के अंदर और बाहर सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था थी। सुरक्षा इतनी कि कोई बुरी नजर से देखने के बारे में सोच भी नहीं सकता था। दिल्ली पुलिस के साथ-साथ कई अर्धसैनिक बलों के लगभग 15,000 जवानों की तैनाती स्टेडियम की सुरक्षा के लिए की गई थी।
राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील और ब्रिटेन के राजकुमार चार्ल्स ने भारत में हो रहे खेलों के इस अब तक के सबसे बड़े आयोजन का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। चार्ल्स ने जहां राष्ट्रमंडल देशों की प्रमुख महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का संदेश पढ़ा वहीं राष्ट्रपति ने खेलों की शुरुआत की घोषणा की। इन खेलों के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब दो लोगों ने इसकी शुरुआत की।
समारोह में राष्ट्रपति और चार्ल्स के अलावा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति के अध्यक्ष जैक रॉग, राष्ट्रमंडल खेल महासंघ के प्रमुख माइक फेनेल, दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, दिल्ली के उपराज्यपाल तेजेंद्र खन्ना और आयोजन समिति के अध्यक्ष सुरेश कलमाडी शरीक हुए।
तीन घंटे तक चलने वाले उद्घाटन समारोह के दौरान लगभग 65,000 दर्शकों ने सांस रोककर कार्यक्रम का लुत्फ उठाया। दूसरी ओर, दुनियाभर के अरबों लोग टेलीविजन के जरिए इस समारोह के गवाह बने। अकेले भारत में लगभग 60 करोड़ लोगों ने इस कार्यक्रम को देखा।
शुभारंभ समारोह में शामिल विदेशी मेहमानों में न्यूजीलैंड के गवर्नर जनरल सर आनंद सत्यानंद, मोनाको के राजकुमार अल्बर्ट द्वितीय और मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद तथा नौरू के राष्ट्रपति मरकस स्टीफन मौजूद रहे।
समारोह छह हिस्सों में हुआ। इसमें करीब 7,000 स्त्री-पुरुष और बच्चों ने हिस्सा लिया। इसके तहत 'रिद्म ऑफ इंडिया', 'स्वागतम', 'ट्री ऑफ नॉलेज', 'योगा', 'ग्रेट इंडियन जर्नी' खण्ड थे और अंतिम हिस्से में ऑस्कर विजेता संगीतकार ए.आर. रहमान ने राष्ट्रमंडल खेल गीत 'जियो-उठो-बढ़ो -जीतो' प्रस्तुत किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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