पश्चिमी उप्र में संक्रामक बीमारियों ने पसारे पैर
बाढ़ प्रभावित बिजनौर, मुरादाबाद, बदायूं, शाहजहांपुर, बरेली, रामपुर, फरु खाबाद और अमरोहा जिले में वायरल बुखार, पीलिया, मलेरिया और अतिसार के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।
बिजनौर के अपर जिलाधिकारी (वित्त) रेवाराम सिंह ने रविवार को आईएएनएस को बताया कि जिले के बाढ़ प्रभावित धामपुर और शेरकोट क्षेत्र में 10 चिकित्सा शिविर लगाए गए हैं। बीते एक सप्ताह में चिकित्सकों ने तकरीबन 6,000 पीड़ितों की जांच कर उनका इलाज किया है।
उन्होंने बताया कि ज्यादातर वायरल बुखार और उसके बाद अतिसार के मामले सामने आए हैं। सिंह ने बताया कि जिले के करीब 120 गांवों में दो लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।
उन्होंने कहा कि जिन गांवों में बाढ़ का पानी पूरी तरह से नहीं घटा है, वहां कीटनाशक का छिड़काव कराया जा रहा है। जिससे कि संक्रामक रोग पनपने न पाएं।
मुरादाबाद के अपर जिलाधिकारी (वित्त) के. के. सिंह ने कहा कि चिकित्सा दल हर बाढ़ प्रभावित गांव का दौरा कर लोगों के स्वास्थ्य की जांच कर रहे हैं। शिविरों में चिकित्सकों को 24 घंटे मौजूद रहने को कहा गया है। उन्होंने कहा कि पशुओं को संक्रामक बीमारियों से बचाने के लिए टीके लगाए जा रहे हैं।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस साल पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बाढ़ और भारी बारिश के चलते 120 लोगों की मौत हुई है। बाढ़ से 20 लाख से अधिक की आबादी प्रभावित हुई और करीब 10 लाख हेक्टेयर फसल पूरी तरह से चौपट हो गई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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