'मुसलमान ठगा-सा महसूस कर रहे हैं' : मुलायम सिंह यादव

रामदत्त त्रिपाठी, बीबीसी संवाददाता, लखनऊ
यादव ने कहा कि फ़ैसले में आस्था को सबूतों से ऊपर रखा गया है और ये अच्छा संकेत नहीं है. उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव ने अयोध्या मसले पर हाल की अपनी चुप्पी तोड़ते हुए उस पर 'निराशा" प्रकट की है.
एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए श्री यादव ने कहा है, “न्यायिक निर्णयों में आस्था को कानून एवं सबूतों से ऊपर रखकर दिया गया यह फैसला देश के लिए, संविधान के लिए और स्वयं न्यायपालिका के लिए अच्छ संकेत नही है." मुयालम सिंह यादव ने आगे कहा, “आगे चलकर इस निर्णय से अनेक संकट पैदा होंगे यही नहीं इस निर्णय से देश का मुसलमान ठगा सा है. पूरे समुदाय में मायूसी है."
अपने बयान में यादव ने कहा कि यह मसला सुप्रीम कोर्ट जाएगा, 'जहां सबूतों और कानून के आधार पर फैसला होगा और दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा" यादव ने अपने बयान में वर्ष 1990 की याद दिलाई है, जब वह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे और पुलिस बलों ने विवादित मस्जिद पर चढाई करने वाले उग्र कारसेवकों पर गोलियाँ चलाकर इमारत को क्षतिग्रस्त होने से बचा लिया था.
यादव ने अपनी तुलना महाभारत के अर्जुन से की और कहा कि ' मुझे संविधान और कानून कि रक्षा के लिए अपने ही लोगों पर सुरक्षा बालों द्वारा गोलियाँ चलवानी पडी." वर्ष 1990 की इस घटना से मुलायम सिंह यादव को मुस्लिम समुदाय में बहुत लोकप्रिय हो गए थे, जबकि मंदिर समर्थक कट्टर हिंदू गुट उन्हें 'मुल्ला मुलायम" तक कहने लगे थे.
इसका परिणाम यह हुआ कि 1991 के विधान सभा चुनाव में यादव की पार्टी बुरी तरह हे हारी और उन्हें मात्र 29 सीटों पर संतोष करना पड़ा. पिछले लोक सभा चुनाव में यादव ने बीजेपी के बागी कल्याण सिंह से हाथ मिला लिया था, जिनके मुख्यमंत्री रहते 1992 में विवादित मस्जिद तोड़ डाली गयी. संवाददाताओं का कहना है कि मुलायम सिंह यादव अब मुस्लिम समुदाय का विश्वास वापस जीतना चाहते हैं और उनका यह बयान 'भडकाऊ" हो सकता है.












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