सुरक्षा परिषद की सदस्यता और कश्मीर मसले में कोई संबंध नहीं : अमेरिका
वाशिंगटन, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। अमेरिका ने उन खबरों का खंडन किया है जिनमें कहा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने सुरक्षा परिषद में भारत की स्थाई सदस्यता की मांग को समर्थन देने के लिए कश्मीर मसले के समाधान की शर्त रखी है। अमेरिका ने स्पष्ट किया कि इन दोनों मुद्दों में कोई सम्बंध नहीं है।
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता फिलिप क्राउले ने पत्रकारों के सवाल के जवाब में कहा, "मैं नहीं समझता कि इन दोनों बातों में कोई संबंध है।" इससे पहले क्राउले के भारत दौरे के समय प्रसारित हुई खबरों में कहा गया था कि अमेरिकी राष्ट्रपति का कहना है कि यदि भारत कश्मीर मसले का समाधान करने के लिए सहमत हो तो अमेरिका सुरक्षा परिषद में भारत की स्थाई सदस्यता की मांग को समर्थन देगा।
क्राउले ने गुरुवार को संवाददाताओं को बताया, "मेरे कहने का आशय है कि हम यह देखना चाहते हैं कि भारत और पाकिस्तान एक साथ मिलकर कश्मीर मसले का समाधान करें।"
क्राउले ने कहा, "हम समझते हैं कि भारत और विभिन्न देशों के साथ अमेरिका भी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार के लिए उत्सुक हैं। इसमें सुरक्षा परिषद के सुधार भी शामिल हैं। इसके लिए विभिन्न देशों में बातचीत चल रही है।"
क्राउले से यह पूछे जाने पर कि क्या ओबामा के भारत दौरे के समय सुरक्षा परिषद की सदस्यता एक बड़ा मुद्दा होगा। इस सवाल के जवाब में क्राउले ने कहा, "यह ऐसा मुद्दा है जो हमारी अगली वार्ताओं में शामिल रहेगा लेकिन मैं यह अनुमान नहीं लगा सकता कि यह नवंबर की वार्ता में शामिल होगा या नहीं।"
भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शिवशंकर मेनन, ओबामा की यात्रा की तैयारियों पर विचार-विमर्श के लिए वाशिंगटन पहुंचे हैं। गुरुवार को उन्होंने अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन से मुलाकात की।
मेनन ने बुधवार को अपने अमेरिकी समकक्ष जनरल जेम्स जोन्स से मुलाकात की थी। वह अमेरिकी संसद की विदेश मामलों की समिति के अध्यक्ष जोन कैरी और अन्य सांसदों से भी मुलाकात कर चुके हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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