अयोध्या फैसला : 'विवादित भूमि तीन हिस्सों में बांटें' (लीड-1)
वरिष्ठ अधिवक्ता रविशंकर प्रसाद ने अदालत के फैसले के बारे में मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि अदालत ने माना है कि जहां रामलला विद्यमान हैं वह स्थान 'देवतुल्य' है।
उन्होंने कहा कि तीन सदस्यीय पीठ के दो सदस्य, न्यायमूर्ति एस. यू. खान और न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल ने कहा है कि भूमि को तीन हिस्सों में बांट दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि न्यायमूर्ति एस. यू. खान, न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल और न्यायमूर्ति डी. वी. शर्मा ने सर्वसम्मति से स्वीकार किया कि रामलला की मूर्ति आज जहां विद्यमान है, उसे उस स्थान से नहीं हटाया जा सकता।
प्रसाद ने कहा कि पीठ ने बहुमत से फैसला लिया कि रामलला जहां विराजमान हैं वहीं, भगवान राम का जन्म हुआ था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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