उत्तर प्रदेश में किशोरियों को मिलेगी यौन शिक्षा
उत्तर प्रदेश में 10 से 19 आयु वर्ग की ग्रामीण किशोरियों को अब अपने शारीरिक परिवर्तन की स्थिति व मासिक चक्र का सामना करने पर घबराने या शर्म महसूस करने की आवश्यकता नहीं रहेगी। स्वास्थ्य विभाग की आशा कार्यकर्ता अब किशोरियों के लिए बड़ी आशा की किरण बनेंगी।
राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत बनाई गई 'प्रमोशन ऑफ मेंस्ट्रअल हाइजीन अमंग एडलिससेंट रूरल एरिया' योजना की शुरुआत अक्टूबर माह में हो जाएगी। शुरू में इस योजना को सहारनपुर मंडल के मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, रामपुर, बिजनौर सहित 13 जिलों में लागू किया जाएगा।
इसके तहत मुजफ्फरनगर में कुल 3,75,355 किशोरियों को सेनेट्री नैपकिन बांटे जाएंगे। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर-मुजफ्फरनगर, बिजनौर की किशोरियों में स्वास्थ्य शिक्षा के प्रति जागरूकता में कमी देखी गई है और यह बालिका शिक्षा के मामले में भी पिछड़े हुए जनपद हैं।
योजना को आगे बढ़ाने के लिए मास्टर ट्रेनर कई मॉड्यूलों के माध्यम से आशाओं को प्रशिक्षण देंगे। आशाएं अपने गांवों में मासिक बैठक कर इस विषय पर किशोरियों से चर्चा करेंगी और सेनेट्री नेपकिन देंगी।
केंद्र सरकार से प्राप्त होने वाली सामग्री के भंडारण के लिए जनपद एवं ब्लॉक स्तर पर स्थान तय किए जा रहे हैं, जहां से इस पूरी योजना का संचालन होगा। सामान्यत: इस अवस्था में किशोरियां खुलकर परिवारजनों से बात नहीं कर पातीं, बल्कि अपनी सहेलियों के साथ ही वे उस अवस्था में परम्परागत तरीकों का प्रयोग करना शुरू कर देती हैं।
स्वास्थ्य शिक्षा के अभाव में इसका परिणाम यह होता है कि सफाई नहीं होने पर उनका प्रजनन तंत्र संक्रमण की चपेट में आने लगता है। उम्र बढ़ने के साथ-साथ उन्हें भयंकर यौन रोग घेर लेते हैं, जिससे जीवन में उनके मानसिक, सामाजिक विकास व आगे आने वाले वैवाहिक जीवन पर बुरा असर पड़ता है। गांव की आशा बहनें प्रत्येक माह बैठक कर लड़कियों को यौन शिक्षा देने के साथ ही सेनेट्री नैपकिन के चार पीस का पैकेट भी नि:शुल्क देंगी।
सहारनपुर मडल के अपर निदेशक चिकित्सा स्वास्थ्य एव परिवार कल्याण डा़ पी़ क़े जैन ने बताया कि ग्रामीण किशोरियों के स्वास्थ्य व उन्हें यौन शिक्षा देने के लिए यह बड़ा क्रांतिकारी कदम है।
मुजफ्फरनगर के जिला परियोजना अधिकारी परिवार कल्याण व प्रसिद्ध चिकित्सक डा़ उमाशंकर ने बताया कि यह किशोरियों का स्वास्थ्य सवांरने की अनोखी योजना है। इससे किशोरियों को बड़ी संख्या में स्वास्थ्य संबंधी लाभ मिलेंगे। मास्टर ट्रेनर तैनात किए गए हैं। आशा बहनों के माध्यम से ही हर गांव में यह योजना मूर्त रूप लेगी और इसकी मासिक समीक्षा करने के साथ ही विभागीय अधिकारी इसकी समीक्षा करेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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