हाथियों की मौत मामले में जलपाईगुड़ी जाएंगे रमेश

रमेश ने कहा, "इस घटना से मुझे वाकई पीड़ा पहुंची है और मैं यह समझने के लिए उस स्थल का दौरा करूंगा कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं।"

रमेश ने कहा कि वहां निश्चितरूप से कुछ-न-कुछ उपाय किए जाने की आवश्यकता है, क्योंकि पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के तहत आने वाले इलाकों से अक्सर इस तरह के जानवरों के मरने की खबरें आती रहती हैं।

ज्ञात हो कि 22 सितम्बर की रात जलपाईगुड़ी में अलीपुरद्वार प्रखण्ड के बिनागुड़ी और बनरहाट स्टेशनों से होकर तेज रफ्तार से गुजर रही मालगाड़ी से टकराकर सात हाथियों की मौत हो गई थी।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार वन अधिकारियों की ओर से उन्हें उस गैर अधिसूचित इलाके में हाथियों के झुंड के विचरण के बारे में कोई पूर्व सूचना प्राप्त नहीं हुई थी।

एक अधिकारी ने कहा कि हाथियों के लिए अधिसूचित जंगली इलाके में रेलवे के ड्राइवर रेलगाड़ियों को धीमी रफ्तार से चलाते हैं और जानवरों को सचेत करने के लिए लगातार सीटी बजाते रहते हैं।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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