चुनाव से पहले सांसद पुत्रों ने बदली पार्टी
काराकाट के सांसद महाबली सिंह के पुत्र धर्मेन्द्र सिंह ने राजद का दामन थाम जद (यु) को एक बड़ा झटका दिया है। उनके राजद में शामिल होने की घोषणा करते हुए पार्टी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने भी हिसाब बराबर कर देने की बात कही थी।
इधर, धर्मेन्द्र के पिता एवं सांसद महाबली सिंह का कहना है कि वह जद (यु) में हैं। वह धर्मेन्द्र के पार्टी छोड़ने से सहमत नहीं हैं। हालांकि सिंह यह भी कहते हैं कि पार्टी उन्हें पुत्र के खिलाफ प्रचार के लिए उन पर दबाव न दे। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से परिवार में दूरियां बढ़ेंगी। उनका मानना है कि पुत्र बड़ा हो गया है और वह स्वंय निर्णत लेता है।
इससे पूर्व बक्सर के सांसद एवं लालू प्रसाद यादव के करीबी माने जाने वाले जगदानंद सिंह के पुत्र सुधाकर सिंह ने राजद छोड़ भाजपा का दामन थाम लिया था।
जगदानंद सिंह कहते हैं कि जिसके हाथ में लालटेन होगा उसी के साथ वह होंगे। उनका कहना है कि वह राजद के साथ हैं और उसी का प्रचार करेंगे। इसमें कोई दुविधा वाली बात नहीं है। सांसद महाबली सिंह के पुत्र के राजद में आने पर उन्होंने कहा कि अब उन्हें मालूम चल गया होगा घर तोड़ना कितना खराब होता है।
बहरहाल, राज्य में चुनाव के पूर्व दिग्गज नेताओं के पुत्रों की राजनीति भी प्रारंभ हो गई है। लालू ने जहां अपने पुत्र व क्रिकेट खिलाड़ी तेजस्वी को राजनीति में लाने और चुनाव प्रचार करने की बात कही थी वहीं लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष रामविलास पासवान के पुत्र चिराग लोजपा का प्रचार करते नजर आएंगे। यह बात दीगर है कि पूर्व सांसद तस्लीमुद्दीन के पुत्र सरफराज ने अपने पिता की तरह राजद को छोड़ जद (यु) का दामन थाम लिया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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