पिता की राजनीतिक विरासत संभालेंगे पुत्र!
राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद अपने पुत्र और क्रिकेट खिलाड़ी तेजस्वी यादव को राजनीति के मैदान में उतारने की घोषणा कर चुके हैं। वैसे तेजस्वी का कहना है कि अभी वह राजनीति की 'एबीसी' सीखेंगे।
राजद के महासचिव रामकृपाल यादव तेजस्वी को पार्टी का युवराज नहीं मानते। उनका कहना है कि वह राजद अध्यक्ष के पुत्र हैं और पार्टी के लिए प्रचार करेंगे। वह कहते हैं कि ऐसा नहीं कि पार्टी उन्हें टिकट देकर मैदान में उतार रही है।
उधर, लोजपा के अध्यक्ष रामविलास पासवान के पुत्र एवं फिल्म अभिनेता चिराग विधानसभा चुनाव में भी लोजपा का प्रचार करेंगे। पिछले लोकसभा चुनाव में भी चिराग ने लोजपा के लिए प्रचार किया था, परंतु उस चुनाव में लोजपा को बिहार से एक भी सीट नहीं मिली थी।
राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो दोनों नेता अपने पुत्रों को राजनीतिक विरासत सौंपने की तैयारी आरंभ कर चुके हैं। तेजस्वी के राजनीति में आने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहले तो कुछ नहीं बोले परंतु पत्रकारों द्वारा बार-बार पूछने पर उन्होंने बस इतना कहा कि हम लोगों को बिहार की चिंता है और किसी को अपने परिवार की चिंता लगी हुई है।
विधानसभा चुनाव में राजद के सांसद एवं लालू प्रसाद के करीबी माने जाने वाले जगदानन्द सिंह के पुत्र सुधाकर सिंह ने भी राजद को त्याग कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया है तो राजद के पूर्व सांसद तस्लीमुद्दीन के पुत्र सरफराज भी अपने पिता की तरह जनता दल (युनाइटेड) से जुड़ गए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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