दिल की आवाज भी सुनें (विश्व हृदय दिवस 26 सितम्बर पर विशेष)
तनाव के कारण मस्तिष्क से जो रसायन स्रावित होते हैं वे हृदय की पूरी प्रणाली खराब कर देते हैं। तनाव से उबरने के लिए योग का भी सहारा लिया जा सकता है।
हृदय हमारे शरीर का ऐसा अंग है जो लगातार पंप करता है और पूरे शरीर में रक्त प्रवाह को संचालित करता है। हृदय संचार प्रणाली के मध्य में होता है और धमनियों और नसों जैसी रक्त वाहिनियां अशुद्ध रक्त को शरीर के हर भाग से हृदय तक ले जाती हैं और शुद्ध रक्त को हृदय से शरीर के हर भाग तक पहुंचाती हैं।
इस साल विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कार्यालय में काम करने वाले लोगों को हृदय के स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का उद्देश्य रखा है।
आज हमारे जीवन का आधे से भी ज्यादा समय हमारे कार्यस्थल/ऑफिस में बीतता है। ऐसे में हमें इस बात का ख्याल रखना चाहिए कि अपनी कार्यप्रणाली के अनुरूप दिल की सेहत कैसे दुरुस्त रहे।
दिल के स्वास्थ्य के लिए इसे अपना सकते हैं :
* थोड़ा समय व्यायाम के लिए निकालें।
* प्रतिदिन कम से कम आधे घंटे तक व्यायाम करना हृदय के लिए अच्छा होता है।
* समय की कमी है तो आप टहल सकते हैं।
* सेहत के अनुरूप आहार लें ।
* नमक की कम मात्रा का सेवन करें
* कम वसा वाले आहार लें।
* ताजी सब्जियां और फल लें।
* समय पर नाश्ता और समय पर लंच करें।
* तंबाकू से दूर रहें।
* घंटों एक ही स्थिति में बैठना हृदय के लिए हानिकारक हो सकता है।
* आज की भागदौड़ वाली जीवनशैली में तनाव भी बढ़ गया है। इससे पूरी तरह बचना तो मुश्किल है लेकिन जहां तक संभव हो इससे दूरी बनाए रखें।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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