बिहार में बाढ़ की स्थिति में तेजी से सुधार
सबसे खराब स्थिति तटबंध के मुहाने पर बसे सेमरिया गांव की है, जहां कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार गांव के करीब तीन दर्जन मकान गंडक नदी के जल प्रवाह में बह गए हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 28 पर आवागमन पूरी तरह से सामान्य हो गया है।
गोपालगंज के जिलाधिकारी बाला मुरुगन ने शनिवार को बताया कि पांच राहत शिविर चलाए जा रहे हैं, जिनमें सारी सुविधाएं मुहैया कराई गई हैं।
उन्होंने कहा कि कई गांवों के लोग अब अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं। गांवों में हुए नुकसान का आकलन कर पूरी रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है।
राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल (एनडीआरएफ) द्वारा प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाया जा रहा है। शिविरों में बाढ़ पीड़ितों को मुफ्त चिकित्सा सुविधा दी जा रही हैं। एनडीआरएफ के एक अधिकारी के मुताबिक रूपनछाप में गुरुवार और शुक्रवार को लगे स्वास्थ्य शिविर में करीब 1,200 लोगों का इलाज किया गया।
उल्लेखनीय है कि गोपालगंज के बरौली प्रखंड के सेमरिया गांव के पास रविवार को गंडक नदी का बचाव बांध टूट गया था जबकि 16 सितंबर को मुख्य तटबंध टूट गया था। इसके बाद जिले के कई गांवों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*












Click it and Unblock the Notifications