इशरत जहां मामले में एसआईटी गठित
इस टीम में भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के तीन अधिकारी होंगे। इसके प्रमुख दिल्ली पुलिस के संयुक्त आयुक्त करनैल सिंह बनाए गए हैं। इसके अलावा दो अन्य अधिकारी सतीश वर्मा और मोहन झा गुजरात से हैं।
अदालत ने इस मामले को गुजरात पुलिस के हाथों सौंपने की राज्य सरकार की याचिका को ठुकरा दिया। इसके साथ ही न्यायालय ने अलोचना करते हुए कहा है कि सरकार नहीं चाहती है कि जांच दल में राज्य से बाहर के अधिकारी शामिल हों।
अदालत ने इस संबंध में राज्य सरकार से एक हफ्ते के भीतर अधिसूचना जारी करने का निर्देश भी दिया है।
गौरतलब है कि मुंबई में पढ़ने वाली इशरत जहां, प्रनेश पिल्लै उर्फ जावेद शेख, अमजद अली राणा और जीशान जौहर को संदिग्ध तौर पर अपराध शाखा के अधिकारियों ने अहमदाबाद के समीप 15 जून 2004 को एक फर्जी मुठभेड़ में मार दिया था। पुलिस ने दावा किया था कि ये सभी लश्कर-ए-तैयबा के कार्यकर्ता थे और मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी मारने आए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications