लालू और नीतीश में 'कविता युद्ध'
इसकी शुरुआत मुख्यमंत्री ने बुधवार को की थी। उन्होंने लालू प्रसाद को 'कायापलट' की संज्ञा देते हुए उनकी जय करने के साथ रेलवे की क्षय होना बताया था। इसके बाद उन्होंने 'कायापलट जी' मतलब लालू के लिए 'बिहार में भय हो, आतंकराज की जय हो' कविता का पाठ किया था।
इससे तिलमिलाये लालू ने भी नीतीश को कविता के जरिये ही इसका जवाब दिया। लालू ने अपनी कविता को अपने ही अंदाज में सुनाते हुए कहा, 'यह शासन है महाराज सुशासन का, खेल हो रहा है कुशासन का। बाढ़ सुखाड़ से जनता को रुलाएंगे, समय आया है सुशासन बाबू जाएंगे।'
गौरतलब है कि नीतीश की कविता चार पंक्ति की थी तो लालू ने दस पंक्ति की कविता सुनाई। अब देखना है कि लालू की कविता का जवाब मुख्यमंत्री कौन सी कविता से देते हैं।
बहरहाल, जो भी हो दोनों नेताओं ने अब तक अपना-अपना कविता पाठ कवि जैसे सधे अंदाज में किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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