राष्ट्रमंडल खेल : फेनेल सहित कई देशों ने दिए सकारात्मक संकेत (लीड-2)
एक तरफ राष्ट्रमंडल खेल संघ के प्रमुख माइक फेनेल ने खेलगांव की स्थिति में 'अच्छी प्रगति' की बात कही हैं वहीं इंग्लैंड के अलावा न्यूजीलैंड और कनाडा ने एथलीटों को भेजने का फैसला किया है।
खेलगांव में गंदगी को देखते हुए कई देशों ने अपनी टीम की रवानगी टाल दी थी और कई खिलाड़ियों ने दिल्ली आने से इंकार कर दिया था।
खेलगांव का दौरा करने के बाद फेनेल ने एक बयान में कहा, "यह अच्छा है कि मैं दिल्ली में हूं, पिछली रात मेरे सीईओ ने जैसी स्थिति बताई उसके मुताबिक खेलगांव में काफी प्रगति हुई है।"
गंदगी और साफ-सफाई को लेकर खेलगांव की हो रही आलोचना के बीच इंग्लैंड के एथलीटों का 22 सदस्यीय दल शुक्रवार को दिल्ली पहुंच गया, हालांकि ये खिलाड़ी खेलगांव के बजाय फिलहाल होटल में रहेंगे।
इस बीच न्यूजीलैंड के एक प्रमुख साइक्लिस्ट सहित इंग्लैंड के शीर्ष चार साइक्लिस्टों ने स्वास्थ्य और सुरक्षा कारणों से राष्ट्रमंडल खेलों में शिरकत नहीं करने की घोषणा की है।
न्यूजीलैंड के साइक्लिस्ट ग्रेग हेंडर्सन अपने देश के पहले एथलीट हैं जिन्होंने राष्ट्रमंडल खेलों में भाग नहीं लेने की घोषणा की है।
यद्यपि न्यूजीलैंड की ओलम्पिक समिति (एनजेडओसी) ने खिलाड़ियों को दिल्ली भेजने का फैसला किया। एनजेडओसी के अध्यक्ष माइक स्टेनली और महासचिव बैरी मेस्टर ने राष्ट्रमंडल खेलों में न्यूजीलैंड की टीम के शामिल होने के फैसले की घोषणा की।
इस बीच शुक्रवार को नई दिल्ली पहुंचे इंग्लैंड के दल में हॉकी और लॉन बॉल टेनिस के खिलाड़ियों सहित 22 एथलीट हैं। इंग्लैंड के कुल 551 खिलाड़ी राष्ट्रमंडल खेल में शिरकत करेंगे जिनके अगले कुछ दिनों में राजधानी पहुंचने की संभावना है।
इंग्लैंड ने गुरुवार की रात यह पुष्टि की थी कि उसकी टीम निश्चित रूप से राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लेगी लेकिन उसने यह भी कहा कि जब तक खेल गांव में स्वच्छता और सुरक्षा संबंधी व्यवस्था को पुख्ता नहीं कर लिया जाता तब तक उसके खिलाड़ी होटल में रुकेंगे।
भारतीय अधिकारियों से स्वच्छता कार्य में तेजी लाने का आश्वासन मिलने के बाद इंग्लैंड ने यह फैसला दिया है।
लंदन में गुरुवार की रात वेल्स के रहने वाले विश्व और ओलम्पिक चैम्पियन साइकलिस्ट गेरैंट थॉमस ने घोषणा की कि डेंगू और खेल गांव की खराब स्थिति के कारण वह प्रतिस्पर्धा से अपना नाम वापस ले रहे हैं।
थॉमस के अलावा पीटर केनॉग और इंग्लैंड के बेन स्विफ्ट और इयान स्टैनार्ड ने दिल्ली में स्वास्थ्य को खतरा बताते हुए नाम वापस ले लिया है।
थॉमस ने कहा, "यह एक निराशाजनक फैसला है लेकिन वहां स्वास्थ्य को खतरा पैदा होने की आशंका है।" केनॉट ने भी ऐसी ही प्रक्रिया दी है।
कनाडा ने भी राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों को लेकर संतुष्टि जाहिर करते हुए सभी कार्यक्रमों के निर्धारित समय पर आयोजित होने की संभावना जताई है। कनाडा ने बुधवार को अपने एथलीटों की रवानगी टाल दी थी।
टोरंटो के स्थानीय समाचार चैनल सीटीवी के मुताबिक कनाडा के एथलीट रविवार को दिल्ली पहुंचेंगे।
कनाडा में राष्ट्रमंडल खेलों के निदेशक स्कॉट स्टीवेंसन के हवाले से चैनल ने कहा, "यदि ऐसी ही प्रगति होती रहे तो राष्ट्रमंडल खेल बिना बाधा के आयोजित होंगे।"
स्टीवेंसन ने कहा, "हम दोबारा अपना ध्यान खेल की तरफ लगा रहे हैं।" कानाडा में राष्ट्रमंडल खेलों के अध्यक्ष एंड्र पाइप ने प्रधानमंत्री मनमोनहन सिंह द्वारा इस मुद्दे पर हस्तक्षेप किए जाने का स्वागत किया है।
कनाडा ने गुरुवार को कहा था कि उसकी महिला हॉकी टीम के साथ ही एथलीटों की दिल्ली रवानगी को टाल दी गई है क्योंकि खेल गांव की हालत रहने लायक नहीं है।
उधर, आस्ट्रेलियाई ओलम्पिक समिति के अध्यक्ष जॉन कोट्स ने शुक्रवार को कहा कि राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी भारत को नहीं मिलनी चाहिए थी।
आस्ट्रेलिया की समाचार एजेंसी 'एएपी' के मुताबिक कोट्स ने कहा, "स्पष्ट रूप से कहा जाए तो भारत को खेलों की मेजबानी नहीं मिलनी चाहिए थी।"
उन्होंने कहा, "राष्ट्रमंडल खेल संघ (सीजीएफ) के पास संसाधनों की कमी एक समस्या है। इसके पास आयोजन स्थलों पर काम की प्रगति का मूल्यांकन करने की क्षमता उपलब्ध नहीं है जो कि ओलम्पिक समिति के पास उपलब्ध है।"
भारत की तैयारियों का मूल्यांकन करने के लिए राष्ट्रमंडल खेल संघ के पास केवल पांच कर्मचारी हैं। जबकि दूसरी ओर अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (आईओसी) के पास इसके लिए 400 से ज्यादा कर्मचारी हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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