हल्दीराम के मालिक को सर्वोच्च न्यायालय से जमानत
नई दिल्ली, 20 सितम्बर (आईएएनएस)। कोलकाता में हल्दीराम भुजियावाला दुकान के मालिक प्रभु शंकर अग्रवाल को सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय से जमानत मिल गई। अग्रवाल को एक चाय के दुकानदार की हत्या की कोशिश करने के आरोप में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। चाय की दुकान अग्रवाल की मिठाई की दुकान से सटी हुई है।
अग्रवाल को चाय के दुकानदार प्रमोद शर्मा उर्फ ठाकुर की हत्या का प्रयास करने और अन्य अपराधों का दोषी पाया गया था।
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति बी.सुदर्शन रेड्डी और न्यायमूर्ति एस.एस.निज्जर की खण्डपीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता यू.यू.ललित का पक्ष सुनने के बाद अग्रवाल को जमानत दे दी।
शर्मा की दुकान अग्रवाल की मिठाई व नमकीन की दुकान से सटी हुई है। हल्दीराम के मालिक चाहते थे कि शर्मा इस दुकान को खाली कर दें, क्योंकि जगमोहन मलिक लेन स्थित चाय की यह दुकान हल्दीराम की भव्य दुकान की शोभा बिगाड़ रही थी।
इसी बीच दो हमलावरों ने 30 मार्च, 2005 को शर्मा पर गोलियां बरसाईं। प्रारंभ में मामले की जांच स्थानीय पुलिस ने की, लेकिन बाद में यह मामला कोलकाता पुलिस के खुफिया विभाग को सौंप दिया गया।
जांच के दौरान कई लोगों को गिरफ्तार किया गया। अग्रवाल और पवन शर्मा को भी गिरफ्तार किया गया। हमलावरों ने हत्या की अपनी कोशिश के बाद भागने के लिए पवन शर्मा की ही कार का इस्तेमाल किया था।
सात मई, 2005 को गिरफ्तारी के बाद अग्रवाल के खिलाफ एक त्वरित अदालत में मुकदमा चला। इस अदालत ने जनवरी 2010 में अग्रवाल और अन्य आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
उसके बाद कलकत्ता उच्च न्यायालय ने 10 मार्च, 2010 को अग्रवाल की जमानत याचिका और सजा स्थगित किए जाने की याचिका खारिज कर दी थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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