टिहरी में जलस्तर बढ़ा, उत्तराखण्ड में 63 मरे
बाढ़ पूर्वानुमान निगरानी निदेशालय के अधिकारी बी. डी. रॉय ने आईएएनएस को बताया, "उत्तराखण्ड के टिहरी बांध में जलस्तर खतरे के निशान के 230 मीटर तक जा पुहंचा है। इसकी वजह से आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।"
अधिकारियों ने बताया कि राज्य में पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण अब तक 63 लोगों के मरने की जानकारी मिली है।
टिहरी बांध विकास प्राधिकरण के एक अधिकारी ने बताया, "अगर जलस्तर 235 मीटर तक पहुंच गया तो हालात खतरनाक हो जाएंगे। हम स्थिति पर नजर रख रहे हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि कोई नुकसान न हो।"
एनडीएमए ने कहा कि हम किसी भी हालात से निपटने के लिए तैयार हैं और इस बारे में 'राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल' को भी सूचित कर दिया गया है।
एनडीएमए में संयुक्त सलाहाकार आर. के. सिन्हा ने कहा, "प्रतिक्रिया बल की टीम हमेशा वहीं बनी रहेगी। हमने सभी लोगों को इसके बारे में जानकारी दे दी है और अगर टिहरी में कोई घटना होती है तो हम तुरंत वहां पहुंच जाएंगे।"
बांध में अगर पानी का स्तर और बढ़ता है तो आस-पास के गांवों और हरिद्वार, ऋषिकेश जैसे शहरों और नजदीकी इलाकों के लिए खतरा पैदा हो जाएगा। गंगा नदी में जलस्तर बढ़ने के कारण उस इलाके में पहले ही खराब स्थिति है।
सिन्हा ने बताया, "प्रतिक्रिया बल की टीमों को उन इलाकों में भेज दिया गया है और इसके लिए तात्कालिक प्रबंध किए जा रहे हैं।"
टिहरी झील के आसपास के 72 गांवों में अलर्ट जारी कर दिया गया है और कई सरकारी इमारतों को खाली कराया जा सकता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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