गर्भाधान से पहले ही कैंसर की आशंका
चिकित्सा क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि कैंसर का संबंध आनुवांशिक संरचना और वयस्क व्यक्ति की जीवनशैली से है।
समाचार पत्र 'डेली मेल' के अनुसार संयुक्त राष्ट्र और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) में सलाहाकर रह चुके प्रोफसर रोकार्ड युएयी ने दावा किया है कि मां के जीवन जीने का ढंग मसलन धूम्रपान, शराब पीना या मोटापे की कैंसर में मुख्य भूमिका होती है।
ऐसा माना जाता है कि बच्चों में मोटापा बढ़ने के लिए पर्यावरणीय कारक जिम्मेदार होते हैं और इसकी वजह से कैंसर की आशंका बढ़ जाती है।
युएयी ने कहा, "गर्भ में आने से पहले ही कुछ लोगों में कैंसर विकसित होने के खतरे बढ़ जाते हैं। इस बीमारी के जोखिम भरे कारक पहले से ही मां के अण्डाणु में रहते हैं।"
उन्होंने कहा, "कैंसर एक आनुवंशिक बीमारी है, लेकिन पर्यावरणीय कारकों के चलते भी इसके खतरे बढ़ जाते हैं।"
यूएयी ने बताया, "अगर मां धूम्रपान करती है या शराब पीती है तो, वह अपने बच्चे में दूध के जरिए उस जहर को पहुंचा रही होती है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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