राष्ट्रमंडल आवासों को छात्रावास बनाया जाना था : आडवाणी
आडवाणी ने अपने ब्लॉग पर पोस्ट किए गए ताजा लेख में खेलों के लिए बनाए गए आवासों की भव्यता का उल्लेख करने के साथ ही इस बात पर निराशा जताई है कि खेलों के बाद इनमें दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र नहीं रह सकेंगे। उल्लेखनीय खेल गांव के निकट दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) और एक निजी कंपनी द्वारा आलीशान आवास बनाए गए हैं।
पूर्व उप प्रधानमंत्री ने कहा, "मुझे इस बात का स्मरण है कि खेलों की मेजबानी मिलने के बाद दिल्ली के तत्कालीन उप राज्यापाल विजय कपूर ने केंद्र सरकार से सिफारिश की थी कि राष्ट्रमंडल खेलों के लिए बनाए जाने वाले आवास इस तरह के होने चाहिए कि उनका इस्तेमाल दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रावास के रूप में हो सके। उस वक्त की राजग सरकार तत्काल इस पर राजी भी हो गई थी।"
उन्होंने कहा, "केंद्र में सरकार बदलने के साथ ही नौकरशाहों के विचार भी बदल गए। इन लोगों के मन में आवासों को अपने उपयोग में लाने की बात घर गई। अब खेल गांव की भव्यता को मिल रही प्रशंसा से सुरेश कलमाड़ी (आयोजन समिति के अध्यक्ष) और उनके सहयोगी भले ही खुश होंगे लेकिन दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र क्या महसूस करते होंगे? क्या वे अपने को ठगा महसूस नहीं करते होंगे?"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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