बिना सर्जरी हटाई जा सकेगी अतिरिक्त चर्बी
इस युक्ति को 'कूलस्कल्पटिंग' नाम दिया गया है। यह होंठों को तराशने का ऐसा तरीका है जिसमें जरा भी दर्द महसूस नहीं होगा। इस प्रक्रिया में अतिरिक्त चर्बी वाले हिस्सों पर एक जेल लगाया जाता है जो वसा कोशिकाओं को जमा देता है।
शून्य से भी कम तापमान से वसा कोशिकाएं मर जाती हैं। अगले दो महीने के दौरान शरीर इन कोशिकाओं को दोबारा से अपने अंदर ले लेता है और इन्हें नष्ट कर दिया जाता है। इसके बाद मरीज में छरहरापन स्पष्ट रूप से दिखने लगता है।
कैलीफोर्निया के जेल्टिक के वैज्ञानिकों ने इस युक्ति को विकसित किया है। उन्होंने अपने प्रयोग में देखा कि कम तापमान पर वसा तो जम जाता है लेकिन अन्य प्रकार के ऊतक, त्वचा और मांसपेशियां बिना किसी नुकसान के जीवित रहती हैं।
समाचार पत्र 'डेली मेल' के मुताबिक पिछले सप्ताह 'यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन' ने इस इलाज को स्वीकृति दी है।
इस युक्ति से सबसे पहले ब्रिटेन में इलाज शुरू हुआ है। लंदन के दवाखानों में कई मरीजों का इसके जरिए इलाज शुरू हो गया है।
इस नई पद्धति से होंठों को सही आकार दिलवाने में करीब 800 पाउंड का खर्च आता है जो कि प्लास्टिक सर्जरी के खर्च से चार गुना कम है और इसमें केवल एक से तीन घंटे का समय लगता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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