'विज्ञान का प्रमुख केंद्र बन सकता है भारत'
प्रधानमंत्री को दस्तावेज प्रस्तुत किए जाने के बाद यहां जारी एक बयान में कहा गया है, "विजन दस्तावेज में 20 साल में भारत के एक प्रमुख विज्ञान केंद्र के रूप में स्थापित होने की कल्पना है। दस्तावेज में कहा गया है कि हमें सही तरीके के ढांचागत एवं प्रशासनिक सुधार करना चाहिए तथा देश में नवप्र्वतन के काम के लिए एक उपयुक्त माहौल तैयार करना चाहिए।"
दस्तावेज में कहा गया है कि इस तरह की घटना के लिए जरूरी सभी संसाधन लगता है कि पहुंच के दायरे में है। खासतौर से इसलिए, क्योंकि आर्थिक स्थिति सुधर रही है।
'इंडिया एज अ ग्लोबल लीडर इन साइंस' (विज्ञान में वैश्विक अगुआ के रूप में भारत) शीर्षक वाले इस दस्तावेज को प्रधानमंत्री के विज्ञान सलाहकार परिषद ने तैयार किया है। इस परिषद के अध्यक्ष प्रमुख वैज्ञानिक प्रो.सी.एन.आर.राव हैं। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री पृथ्वीराज चव्हाण भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
प्रधानमंत्री ने उम्मीद जाहिर की कि विजन दस्तावेज में निहित विचार वैज्ञानिक समुदाय तथा सभी संबंधित लोगों को इस बात के लिए प्रेरित करेंगे कि वे एक समग्र, आर्थिक व सामाजिक रूप से जीवंत, रचनात्मक एवं एक उद्यमी भारत के निर्माण में तथा वैश्विक कल्याण के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में उत्कृष्टता हासिल करने में मदद करें।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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