ईरान पर हिलेरी की दूरदर्शिता

अमरीकी विदेशमंत्री हिलेरी क्लिंटन ने ईरान के ज़िम्मेदार नागरिक और मज़हबी नेताओं से अपील की है कि वे ईरान में अपना असर बढ़ाएं.
ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद संयुक्त राष्ट्र की महासभा में शामिल होने के लिए जैसे ही न्यूयॉर्क पहुंचे, उस के तुरंत बाद हिलेरी क्लिंटन ने एक अमरीकी टेलिविज़न एबीसी को दिए इंटरव्यू में यह वक्तव्य दिया और ईरान की बढ़ती सैन्य ताक़त पर चिंता जताई.
लेकिन ईरानी राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद से जब एबीसी टेलिविज़न चैनल ने इस पर प्रतिक्रिया मांगी तो उनका जवाब था, “क्या आपको नहीं लगता कि इस तरह के वक्तव्य देने से पहले हिलेरी क्लिंटन को कुछ सोच विचार कर लेना चाहिए. अगर हम इस तरह की लफ़्फ़ाज़ी करने लगें तो उन्हें कैसा लगेगा.”
ईरानियों की रिहाई
ईरानी राष्ट्रपति ने अमरीका से फिर अपील की है कि वह पकड़े गए कुछ ईरानियों को रिहा करे.
ईरान ने हाल ही में एक अमरीकी महिला सारा शौर्ड को रिहा किया था जो दो अन्य अमरीकियों के साथ दो साल पहले ईरान की सीमा में पकड़ी गई थी.
इसी संदर्भ में अहमदीनेजाद ने ये भी कहा कि ईरानी बंदियों की रिहाई के लिए अमरीकी सरकार से मानवीय आधार पर विचार करने को कहना ग़लत नहीं है.
उल्लेखनीय है कि ईरान ने पिछले दिसंबर में 11 ईरानियों की सूची जारी की थी, जिन्हें अमरीका मे पकड़ लिया गया था.
ईरान की आंतरिक स्थितियों के बारे में अमरीकी विदेशमंत्री इससे पहले भी कई कड़े वक्तव्य दे चुकी हैं. सन 2009 के राष्ट्रपतीय चुनावों को उन्होंने दोषपूर्ण बताते हुए कहा था कि निर्वाचित अधिकारी अपने असर को बढ़ाने और सत्ता पर पकड़ मज़बूत रखने के लिए सैन्य ताक़त का सहारा ले रहे हैं.
संयुक्त राष्ट्र से आशा
ईरानी राष्ट्रपति अहमदीनेजाद ने ये भी कहा कि वे संयुक्त राष्ट्र से ये उम्मीद रखते हैं कि वह किसी ख़ास सदस्य देश का पक्ष नहीं लेगा.
“संयुक्त राष्ट्र से आशा की जाती है कि वह अपनी वास्तविक और सही भूमिका निभाए और सभी सदस्य देशों और राष्ट्रों को समान अवसर दे, जिससे दुनिया के प्रबंधन में सभी अपनी हिस्सेदारी निभा सकें.”
लेकिन इस बार हिलेरी क्लिंटन ने ईरान पर अपने कड़े रुख़ को सरकार या प्रशासन बदलने से न जोड़ते हुए ज़िम्मेदार नागरिक और मज़हबी नेताओं से की गई एक अपील के साथ जोड़ा, जो कि ईरान के बारे में उनकी ताज़ा चिंता को रेखांकित करता है.












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