फारूख की हत्या के पीछे तालिबान का हाथ संभव (लीड -1)
स्थानीय समाचार पत्र 'डेली मेल' के मुताबिक स्कॉटलैंड यार्ड की जांच में इस बात के संकेत मिले हैं कि मशहूर नेता फारूख की हत्या के पीछे तालिबान का हाथ हो सकता है।
एमक्यूएम के एक वरिष्ठ सदस्य इमरान फारूख पर काफी बेरहमी से चाकुओं से वार किया गया था जिसके बाद गुरुवार को उनकी मौत हो गई थी।
जांचकर्ता हत्या के इस मामले में किसी एशियाई व्यक्ति के जुड़े होने से इंकार नहीं कर रहे हैं। इस हमले के बाद पाकिस्तान के कराची शहर में काफी तनाव फैल गया था।
इधर, एमक्यूएम के सदस्यों ने दावा किया है कि पाकिस्तान में इस्लामिक कट्टरवाद के विरोध के लिए तालिबान ने पार्टी के सदस्यों के खिलाफ फतवा जारी किया था। इसके बाद ऐसी संभावनाओं को बल मिलता है कि फारूख की हत्या राजनीति से प्रेरित हो सकती है।
स्कॉटलैंड यार्ड ने हालांकि अभी इस तरह के संभावित कारणों पर विचार करने से इंकार कर दिया है लेकिन उसका कहना है कि जांचकर्ता खुले दिमाग से इस मामले की तहकीकात कर रहे हैं।
सुरक्षा सूत्रों के हवाले से अखबार ने लिखा है, "स्पष्ट तौर पर पीड़ित की पृष्ठभूमि और राजनीतिक संबंधों की जांच की जाएगी। इस मामले में तालिबान की संल्पितता भी जांच के दायरे में होगी।"
सूत्रों के मुताबिक इस मामले में इस समय अभी किसी तरह का निष्कर्ष निकालना गलत होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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