तेलंगाना के वकीलों की पुलिस से झड़प (लीड-1)
झड़प के दौरान एक पुलिस अधिकारी, एक मीडियाकर्मी और कुछ वकील घायल हो गए। झड़प उस वक्त हुई जब बड़ी संख्या में वकील विधि अधिकारियों की नियुक्ति में तेलंगाना क्षेत्र के वकीलों के 42 फीसदी कोटे की मांग करते हुए रैली लेकर उच्च न्यायालय पहुंचे।
प्रदर्शनकारी जब 'जय तेलंगाना' का नारा लगाते हुए अदालत परिसर में बलपूर्वक घुसने का प्रयास कर रहे थे, मुख्यद्वार पर पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
वकीलों ने पुलिस के साथ यह कहते हुए तीखी बहस की कि उनमें से प्रत्येक को अदालत में प्रवेश करने का अधिकार है। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आम वकीलों का प्रवेश वर्जित है, केवल वे वकील प्रवेश कर सकते हैं, जो उच्च न्यायालय में वकालत करते हैं और जिनके पास पहचान पत्र है। दोनों पक्षों के बीच बहस तीखी नोक-झोंक में बदल गई और नौबत धक्का-मुक्की तक आ पहुंची।
तेलंगाना के वकीलों की ज्वाइंट एक्शन कमेटी (जेएसी) ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी पिटाई की, जिस कारण कुछ प्रदर्शनकारी घायल हो गए। उधर, पुलिस ऑफिसर्स एसोसिएशन ने दावा किया एक पुलिस अधिकारी घायल हो गया।
अदालत परिसर में भारी पुलिस सुरक्षा के बावजूद आंदोलन के चौथे दिन स्थिति तनावपूर्ण रही। पुलिस ने मीडियाकर्मियों को बलपूर्वक अदालत परिसर से बाहर कर दिया। पुलिस की कार्रवाई के दौरान एक कैमरामैन घायल हो गया।
अदालत का माहौल उस समय अप्रत्याशित रूप से बिगड़ गया, जब वकीलों के रवैये पर गुरुवार को इस्तीफा देने वाले न्यायाधीश ने उसे वापस लेने से इंकार कर दिया। इससे पहले सूचना थी कि न्यायाधीश इस्तीफा वासस लेने को राजी हो गए हैं।
न्यायाधीश सी.वी. नागार्जुन रेड्डी सुबह अदालत में आए और किसी मामले की सुनवाई किए बिना घर लौट गए। मुख्य न्यायाधीश निसार अहमद ने उन्हें इस्तीफा वापस लेने के लिए मनाने का पूरा प्रयास किया।
मुख्यमंत्री के. रोसैया ने भी उनसे इस्तीफा वापस लेने का आग्रह किया।
इस बीच जेएसी नेताओं ने वार्ता के लिए सरकार का आमंत्रण स्वीकार कर लिया है। मुद्दे के हल के लिए वकीलों एवं मंत्रिमंडलीय उप समिति की शुक्रवार शाम को बैठक होने जा रही है।
बुधवार देर रात पुलिस ने चार दिन से भूख हड़ताल पर बैठे तेलंगाना क्षेत्र के तीन वकीलों को अदालत परिसर से बालपूर्वक हटा दिया था।
भूख हड़ताल कर रहे वकीलों को गांधी अस्पताल ले जाया गया। गुरुवार की शाम उनके खिलाफ आत्महत्या की कोशिश का मामला दर्ज किया गया। वे उच्च न्यायालय परिसर में महाधिवक्ता के कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीनभूख हड़ताल कर रहे थे।
तेलगांना के वकीलों के प्रदर्शन और हिंसा के बाद शुक्रवार को अदालत का कामकाज शुरू हुआ। अदालत परिसर में तनाव को देखते हुए 2,000 से अधिक पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया।
अदालत परिसर में उन वकीलों को ही प्रवेश की इजाजत दी गई जिनके पास पहचान पत्र था। मुवक्किलों को दस्तावेज प्रस्तुत करने पर ही अंदर जाने दिया गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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