सोहाबुद्दीन मामले के गवाह ने गढ़ी कातिलाना हमले की कहानी
उदयपुर, 16 सितम्बर (आईएएनएस)। पुलिस का दावा है कि सोहाबुद्दीन शेख कथित फर्जी मुठभेड़ मामले के मुख्य आरोपी आजम खान ने अपने कंधे में गोली मारकर खुद पर जानलेवा हमला होने की कहानी गढ़ने की कोशिश की। इस सिलसिले में खान, उसके मित्र और एक संबंधी से पूछताछ की जा रही है।
खान ने तुलसीराम प्रजापति की हत्या के मामले में गवाही दी थी। प्रजापति सोराबुद्दीन मामले का गवाह था। खान ने मंगलवार को दावा किया कि मोटरसाइकिल पर सवार दो बंदूकधारियों ने उस पर उस समय हमला किया जब वह कार चला रहा था। उसकी दायीं हथेली और कंधे में चोट आई।
खान के साथ मौजूद रहे उसके मित्र इकबाल ने बताया कि खान ने खुद पर जानलेवा हमले की झूठी कहानी गढ़ी है।
पुलिस का कहना है कि उसने चर्चित होने और पुलिस सुरक्षा प्राप्त करने के लिए यह कहानी गढ़ी।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, "जांच से पता चला है कि खान ने खुद को गोली मारी और इकबाल से झूठी कहानी गढ़ने को कहा।"
पुलिस ने बताया कि खान ने घटना से पूर्व इकबाल को इस योजना की जानकारी दे दी। खुद को गोली मारने के बाद खान ने इकबाल से पुलिस को यह सूचित करने को कहा कि दो अज्ञात व्यक्तियों ने उस पर कातिलाना हमला किया है और हथियार को ठिकाने लगाने के लिए उसने अपने संबंधी से मदद मांगी।
पुलिस का कहना है कि घटना के बारे में इकबाल और खान ने बिल्कुल अलग-अलग बाते कहीं हैं। पुलिस अब तक हमले में इस्तेमाल हुआ हथियार बरामद नहीं कर सकी है।
अधिकारी ने बताया , "हैरतंगेज रूप से इस घटना कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं है। हम खान, उसके संबंधी और इकबाल से पूछताछ कर रहे हैं।"
प्रजापति 28 दिसम्बर 2005 को गुजरात के बनासकांठा जिले में कथित फर्जी मुठभेड़ में मारा गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*












Click it and Unblock the Notifications