गरीबों को मिले भूमि अधिग्रहण का लाभ : राहुल
कोलकाता, 16 सितम्बर (आईएएनएस)। कांग्रेस महासचिव राहुल गांधी ने गुरुवार को कहा कि भूमि अधिग्रहण का लाभ गरीबों को मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण संशोधन अधिनियम पर तृणमूल कांग्रेस से मतभेद केवल अधिग्रहण के लिए ली जाने वाली जमीन के प्रतिशत पर है।
अगले वर्ष पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनावों के सिलसिले में तीन दिवसीय दौरे पर गए कांग्रेस महासचिव ने प्रसेवार्ता में कहा, "मेरे अंदर सभी भारतीयों के लिए सहानुभूति है। लेकिन देश में ऐसे लोग भी हैं, जिन्हें अन्य की तरह लाभ नहीं मिलता। मैं चाहता हूं कि भूमि अधिग्रहण का लाभ गरीबों को भी मिले।"
अपने दौरे के अंतिम दिन अमेठी के सांसद राहुल ने हरियाणा में किए गए भूमि अधिग्रहण की तारीफ करते हुए कहा, "हरियाणा सरकार ने भूमि अधिग्रहण के लिए अच्छी योजना बनाई है। अधिग्रहण का लाभ वहां सभी लोगों को मिला है।"
गांधी उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा एक्सप्रेसवे और टाउनशिप के लिए किसानों की भूमि अधिग्रहण किए जाने पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मिले थे और उन्हें किसानों की चिंताओं से अवगत कराया था।
उन्होंने कहा, "हम गरीबों को फायदा पहुंचाए बिना उनकी भूमि अमीरों को नहीं दे सकते। सड़कों और आधारभूत संरचना के विकास के लिए भूमि की जरूरत है, लेकिन गरीबों को उनका हक मिलना चाहिए।"
भूमि अधिग्रहण संशोधन अधिनियम को तृणमूल कांग्रेस द्वारा विरोध किए जाने पर रोक लिया गया था। इस पर राहुल ने कहा कि इस अधिनियम के केवल एक मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस से मतभेद है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा किसानों की कितनी प्रतिशत भूमि अधिग्रहीत करनी चाहिए इस पर आम राय नहीं बन पाई है।
उन्होंने कहा कि अधिग्रहण की जाने वाली जमीन 70 प्रतिशत, 80 प्रतिशत या 90 प्रतिशत हो सकती है। उन्होंने कहा कि बाकी अधिनियम के पूरे स्वरूप पर दोनों दलों की राय एक है।
इसके अलावा गांधी ने उड़ीसा के नियामगिरि में एल्युमिनियम के खनन के लिए अधिग्रहीत की गई भूमि का भी विरोध किया।
गांधी ने उत्तर प्रदेश में मायावती सरकार द्वारा किसानों की भूमि कम दरों पर लिए जाने की तीखी आलोचना करते हुए कहा, "सरकार 400 रुपये प्रति मीटर की दर से भूमि अधिग्रहण कर अमीरों को 1000 रुपये की दर से बेच रही है। "
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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