कश्मीर में हिंसक घटनाओं में 11 की मौत (लीड-3)
तंगमार्ग में चार लोगों की मौत हो गई जहां एक ईसाई मिशनरी स्कूल को जला दिया गया। इसके अलावा बड़गाम में चार, पमपोर में एक, बांदोपोरा में एक और चरार-ए-शरीफ में एक सात वर्षीय बच्चे की मौत हो गई।
सोमवार को 11 लोगों की मौत के साथ ही घाटी में अशांति के ताजा दौर में 11जून से लेकर अब तक मरने वालों की संख्या बढ़कर 81 हो गई।
बड़गाम जिले में जहां एक प्रदर्शनकारी और एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई वहीं बांदीपोरा में भीड़ पर सुरक्षाबलों की गोलीबारी में एक युवक की मौत हो गई।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया, "बड़गाम जिले के हमहमा में भीड़ ने स्थानीय सशस्त्र पुलिस की चौकी पर हमला कर दिया। सुरक्षाकर्मियों की गोलीबारी में गुलाम रसूल तांत्रे नाम का एक व्यक्ति बुरी तरह घायल हो गया।"
उन्होंने बताया "घायल 50 वर्षीय तांत्रे ने शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइसेंज सौरा में दम तोड़ दिया।"
उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा में सुरक्षा बलों द्वारा प्रदर्शनकारियों की भीड़ पर की गई गोलीबारी में एक युवक की मौत हो गई।
एक पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, "बांदीपोरा के आजस गांव में बेकाबू भीड़ पर सुरक्षा बलों की गोलीबारी में निसार अहमद भट नाम के एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गई और एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया।"
रपटों में कहा गया है कि सुरक्षा बलों की गोलीबारी के दौरान भट और रियाज अहमद नाम का एक अन्य प्रदर्शनकारी घायल हो गया। भट ने अस्पताल ले जाए जाते समय दम तोड़ दिया।
एक अन्य घटना में बड़गाम में नारेबाजी कर रहे लोगों को ले जा रहे ट्रक ने देविन्द्र सिंह नाम के एक कांस्टेबल को कुचल दिया। एक पुलिस अधिकारी ने बताया, "घायल कांस्टेबल को बड़गाम अस्पताल ले जाया गया जहां उसने दम तोड़ दिया।"
कांस्टेबल को अस्पताल पहुंचाने वाले वाहन को अस्पताल के बाहर मौजूद भीड़ ने पलट दिया और उसको आग लगा दी।
तंगमर्ग में प्रदर्शनकारियों ने एक ईसाई मिशनरी स्कूल, समाज कल्याण विभाग के कार्यालय की इमारत और पुलिस के एक वाहन को आग लगा दी।
श्रीनगर के ओमपोरा, शालतेंग और बेमिना में भी बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों ने यहां लगाए गए चौबीसों घंटे के कर्फ्यू का उल्लंघन किया।
कश्मीर घाटी के प्रमुख शहरों में चौबीसों घंटे का कर्फ्यू जारी रहने के बीच अमेरिका में कुरान का अनादर होने संबंधी अफवाहों के कारण दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले के सैंकड़ों ग्रामीणों ने सोमवार सुबह कुरान के समर्थन और अमेरिका के विरोध में नारेबाजी की। ऐसे ही प्रदर्शन श्रीनगर के शालीमार क्षेत्र में भी हुए।
स्थानीय लोगों के अनुसार एक ईरानी टीवी चैनल ने रविवार को घोषणा की कि पवित्र कुरान की एक प्रति अमेरिका में जलाई गई है। फ्लोरिडा के एक पादरी ने 9/11 के आतंकवादी हमलों की नौंवी बरसी पर कुरान की प्रति जलाने की धमकी भी दी थी। लेकिन बाद में उसने यह योजना रद्द कर दी थी।
इस्लाम-समर्थक एवं अमेरिका-विरोधी प्रदर्शन हमहमा, ओमपोरा, शालतेंग, शालीमार, न्यूथेड और श्रीनगर के अन्य स्थानों में हुए।
इस बीच श्रीनगर और घाटी के अन्य प्रमुख शहरों में कर्फ्यू सोमवार को लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, "पूरे श्रीनगर शहर, दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग, पुलवामा बिज्बेहारा और उत्तरी कश्मीर के बारामूला एवं सोपोर में कर्फ्यू जारी है। पूरी घाटी में हालात काबू में हैं।"
गत 11 जून से घाटी में जारी हिंसा के ताजा दौर के बाद पहली बार यहां चौबीसों घंटे का कर्फ्यू लगाया गया है।
पिछले तीन महीनों से प्रशासन संवदेनशील इलाकों में दिन में कर्फ्यू या प्रतिबंध लगाता था और रात होने पर पुलिस तथा सीआरपीएफ के कर्मी हटा लिए जाते थे। उस समय लोग रोजमर्रा की चीजें खरीद लिया करते थे।
उल्लेखनीय है कि शनिवार सुबह ईद की नमाज के बाद हिंसा भड़क उठी थी। हजारों लोगों ने मीरवाइज फारुख और जम्मू-कश्मीर लिब्रेशन फ्रंट के अध्यक्ष यासीन मलिक की अगुवाई में शहर के लालचौक इलाके तक जुलूस निकाला और आगजनी की। भीड़ ने हजरतबल में पुलिस की बैरकों को आग लगा दी। राज्य बिजली बोर्ड विभाग और जम्मू एवं कश्मीर पुलिस की अपराध शाखा के कार्यालयों को आग लगा दी गई थी। इसके बाद यहां कर्फ्यू लगा दिया गया। रविवार को भी भीड़ ने शिक्षा मंत्री पीरजादा मोहम्मद सईद के आवास पर हमला किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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