उड़ीसा में हैजे की रोकथाम के लिए विशेष टीम
एक अधिकारी के मुताबिक अब तक इन बीमारियों से 39 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, जिलाधिकारी एनबी जवाले ने आईएएनएस को बताया कि राहत और बचाव कार्य में दक्ष 'उड़ीसा आपदा त्वरित कार्य बल' (ओडीआरएएफ) को पहुंच से बाहर वाले क्षेत्रों से मरीजों को लाने के लिए लगाया गया है।
उन्होंने बताया, '' स्वास्थ्य अधिकारियों को एक नदी के चलते गुदारी ब्लॉक क्षेत्र के 20 से अधिक गांवों में पहुंचने में मुश्किलें आ रही हैं। हमने (ओडीआरएएफ)को यहां नावों के साथ पहुंचने के लिए कहा है। पिछले कुछ सप्ताहों में 102 गांवों के करीब 660 मरीजों का इलाज किया गया है। अन्य स्वास्थ्य शिविरों और अस्पतालों में भी मरीजों का इलाज किया जा रहा है। ''
एक डॉक्टर का कहना है कि इलाज के लिए मरीज अस्पताल नहीं आने चाहते, इसलिए बीमारी को फैलने से रोकने में परेशानी हो रही है।
यही नहीं, सरकार मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए लोगों को पैसे देकर भी प्रेरित कर रही है। सरकार की ओर से दिन में मरीज को अस्पताल पहुंचाने वाले व्यक्ति को सौ और रात के समय पहुंचाने वाले व्यक्ति को दो सौ रुपये देने की घोषणा की गई है। सरकार बीमार व्यक्ति को एक धोती और साबुन, जबकि बीमार महिला को साड़ी और साबुन दे रही है।
गौरतलब है कि भुवनेश्वर से 390 किलोमीटर दूर रायगदा की गिनती देश के अत्यंत पिछड़े जिलों में होती है। यहां अक्सर भूख से लोगों की मौत हो जाती है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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