कुरान मसले पर अफगानिस्तान में विरोध, 1 की मौत (लीड-2)
बदखशां प्रांत के प्रवक्ता मोहम्मद अमीन सोहैल ने कहा कि फ्लोरिडा के पादरी टैरी जोन्स की इस योजना के विरोध के लिए उत्तर-पूर्वी अफगानिस्तान के फैजाबाद में जर्मन सेना के एक कैंप के बाहर हजारों लोग इकट्ठे हो गए। भीड़ ने कैंप पर पथराव भी किया। भीड़ पर नियंत्रण पाने के लिए पुलिस ने गोलियां चलाई, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई।
जोन्स की अमेरिका पर 11 सितम्बर, 2001 को हुए आतंकी हमले की नौवीं वर्षगांठ पर शनिवार को कुरान की प्रति जलाने का अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाने की योजना है।
समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक प्रांतीय पुलिस के प्रमुख अघा नूर केंतूज ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान हिंसा होने से एक नागरिक की मौत हो गई।
सोहैल ने कहा कि ईज की नमाज के लिए प्रदर्शनकारी एक मस्जिद के बाहर इकट्ठा हुए और इसके बाद वे प्रांत की राजधानी की ओर बढ़ गए। इनकी संख्या पांच से 10 हजार के बीच थी।
वैसे सफोई ने स्थानीय लोगों के उस आरोप को नकार दिया है जिसमें कहा जा रहा था कि नाटो के नेतृत्व वाले सुरक्षा सहायता बल (आईएसएएफ) ने प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी की थी।
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और रक्षा सचिव रॉबर्ट गेट्स ने पादरी टैरी जोन्स से कुरान की प्रति जलाने की योजना वापस लेने को कहा है।
गुरुवार को अपनी इस योजना को स्थगित कर चुके जोन्स न्यूयार्क के ग्राउंड जीरो के नजदीक (जहां पहले वर्ल्ड ट्रेड सेंटर था) प्रस्तावित एक इस्लामी केंद्र की स्थापना को लेकर कोई समझौता न होने के बाद अब अपने इस फैसले पर दोबारा सोच रहे हैं।
जोन्स ने एक स्थानीय मुस्लिम नेता से न्यूयार्क के अलावा कहीं दूसरी जगह इस्लामी केंद्र स्थापित किए जाने का आश्वासन मिलने के बाद कुरान की प्रति जलाने की अपनी योजना रद्द कर दी थी। बाद में न्यूयार्क में केंद्र के योजनाकर्ताओं ने इसे अस्वीकार कर दिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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