सोच की रफ़्तार से खोज का दावा

गूगल ने अपने इंटरनेट सर्च इंजन की रफ़तार बढ़ाने के लिए नए उत्पाद 'गूगल इंस्टैंट' की शुरूआत कर दी है.
इस नए उत्पाद गूगल इंस्टैंट की विशेषता ये है कि जबतक यूज़र अपनी खोज टाइप करेगा उसी दौरान उसका परिणाम भी सामने आता रहेगा.
कंपनी का कहना है, "ये सोच की रफ़्तार की खोज है और ये खोज की दुनिया में बड़ी छलांग है."
पहले गूगल खोज साथ-साथ सुझाव देता जाता था लेकिन उस वक़्त तक रेज़ल्ट नहीं दिखता था जबतक कि 'इंटर' नहीं दबाया जाता था.
गूगल इंस्टैंट अगले हफ़्ते से इंटरनेट पर काम करना शुरू कर देगा जबकि मोबाइल पर यह सुविधा नवंबर से शुरु हो जाएगी.
गूगल की उपाध्यक्ष मैरिसा मेयर ने इस नई सुविधा का डेमो देते हुए गूगल के 'सर्च बॉक्स' में 'डब्लू' टाइप किया वैसे ही 'वेदर' यानी मौसम से संबंधित एक सूची दिखने लगी और साथ में तस्वीरें और तापमान भी दिख रहे थे.
मेयर ने कहा, "दर असल हम अनुमान लगाते हैं कि आप क्या जानना चाहते हैं और हम उसी के आधार पर नतीजा देते हैं."
गूगल का आंकलन है कि एक सामान्य यूज़र आम तौर पर अपनी खोज टाइप करने के लिए नौ सेकंड का समय लेता है जबकि उसका नतीजा देखने के लिए 15 सेकंड का समय लगाता है.
कंपनी का कहना है कि गूगल इंस्टैंट से सामान्य खोज पर दो से पांच सेकंड की बचत होगी.
टेक्नॉलोजी ब्लॉग 'टेक्नोलोजाइज़र डॉटकॉम' के हैरी मैकक्राकेन ने बीबीसी को बताया, "गूगल का मानना है कि रफ़्तार ही सब कुछ है."
उन्होंने कहा, "एक दो सेकंड की बचत कोई बड़ी बात नहीं है. मुझे फ़ौरन ही ये ख़्याल आया कि इसके ज़रिए हमें उस समय तक ऐसे नतीजे भी देखने पड़ेंगे जो हम देखना नहीं चाहते यहां तक कि हम अपनी खोज टाइप नहीं कर लेते."
टेक्नॉलोजी के जानकार रॉबर्ट स्कोब्ल का कहना है कि यह नया उत्पाद माइक्रोसॉफ़्ट और उसके सर्च इंजन 'बिंग' के लिए बड़ी चुनौती होगा.
उन्होंने कहा, "जिस तरह हम आज खोजते हैं उसके साथ खिलवाड़ से हमारी खोज में नाटकीय बदलाव आएगा. मेरे विचार से ये बड़ी उपलब्धि है और बिंग को भी अपनी रफ़्तार बढ़ाने के लिए कुछ करना होगा."












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