लाओस और कंबोडिया से रिश्ते मजबूत करेंगी राष्ट्रपति (लीड-1)
नई दिल्ली, 9 सितम्बर (आईएएनएस)। राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील गुरुवार को दो दक्षिण एशियाई देशों लाओस और कंबोडिया की 10 दिनों की यात्रा पर रवाना हुईं। उम्मीद है कि भारत का इन दोनों देशों के साथ सामरिक एवं आर्थिक सहयोग बढ़ेगा।
अतीत में दोनों देशों के साथ भारत के मैत्रीपूर्ण संबंध को देखते हुए राष्ट्रपति ने आशा प्रकट की कि रिश्ते और मजबूत होंगे।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार अपनी यात्रा के शुरुआत के समय राष्ट्रपति ने कहा, "मेरी इस यात्रा से इन देशों के नेतृत्व के साथ वार्ताओं को जारी रखने का एक अवसर प्राप्त होने के साथ ही हमारे संबंधों को मजबूत बनाने के प्रति हमारी दृढ़ता की पुन: पुष्टि होगी और हमारी आर्थिक गतिविधि बढ़ेगी।"
पाटील ने कहा, "ये ऐसे देश हैं, जिनके साथ सम्राट अशोक के समय से ही भारत के गहरे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध रहे हैं।"
पाटील को लाओस के राष्ट्रपति चौम्माली सेया सोन और कंबोडिया के नरेश नोरोदोम सिहामोनी ने आमंत्रित किया था।
पाटील ने उम्मीद जताई कि वह आसियान देशों के साथ बढ़ते संबंधों के बारे में भी चर्चा करेंगी, क्योंकि अक्टूबर में वियतनाम में अगला भारत-आसियान और पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन होने वाले हैं।
राष्ट्रपति लाओस और कंबोडिया में काम करने वाले और वहां रहने वाले भारतीय समुदाय से भी मिलेंगी।
पाटील का लाओस में पांच दिन का कार्यक्रम है। उनकी यह पहली लाओस यात्रा होगी और किसी भारतीय राष्ट्रपति की दक्षिण पूर्व एशियाई देश की दूसरी यात्रा।
लाओस की राजधानी वियनतियाने में पाटील, राष्ट्रपति चौमाली सयासोने और प्रधानमंत्री बौसोने बौफावन से बातचीत करेंगी।
इसके बाद 13 सिम्तबर को वह कम्बोडिया के लिए रवाना हो जाएंगी। वह कम्बोडियाई नरेश नोरोदोम सिहामोनी से मुलाकात करेंगी और अंगकोर वाट के प्रसिद्ध मंदिरों के शहर, फनोम पेन्ह और सीम रीप जाएंगी।
कम्बोडिया फिलहाल भारत-आसियान संबंधों पर दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों के संगठन (आसियान) का समन्यवयक है।
पाटील का यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह आसियान के 10 देशों के साथ शिखर बैठक में तथा 16 देशों के पूर्व एशिया शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने हनोई जाने वाले हैं। यह शिखर सम्मेलन अक्टूबर के अंत में आयोजित हो सकता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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