परिवार संग ईद मनाएगा मुंबई से गुमशुदा बच्चा
फाजू अप्रैल में अपने माता-पिता से बिछड़ गया था। उस समय वह गेंद से खेल रहा था और गेंद खोजने के लिए मुंबई स्टेशन पर खड़ी एक रेलगाड़ी में वह चढ़ गया। इसके बाद वह रेलगाड़ी से उतर पाता इतने में रेलगाड़ी चल दी। जब रेलगाड़ी वेल्लोर पहुंची तो इस बच्चे को वेल्लोर की 'गवर्नमेंट रिसेप्शन यूनिट' आश्रय स्थल ने अपनी हिफाजत में ले लिया।
आश्रय स्थल के प्रभारी के. गणेशन ने आईएएनएस को फोन पर बताया, "फाजू के पिता घोसी बाशा और मां दिलशाद यहां आए थे। माता-पिता की पहचान जांचने के बाद बच्चा उन्हें सौंप दिया गया।"
वेल्लोर के नजदीक तिरूपत्थुर में उडावुम उल्लंगल के अध्यक्ष सी. रमेश ने बताया कि रेलवे पुलिस ने 27 अप्रैल, 2010 को फाजू को उन्हें सौंप दिया था।
रमेश ने बताया कि रेलवे पुलिस ने उसे मुंबई-कन्याकुमारी एक्सप्रेस में अकेले सफर करते पाया था। हमने 30 अप्रैल तक उसे घर में रखा। पूछताछ पर उसने अपने माता-पिता, बहनों और अन्य पड़ोसियों के नाम बताए।
रमेश ने बताया कि फाजू हिंदी के अलावा कन्नड़ भी बोलता था और कभी-कभी भ्रमित करने वाले जवाब देता था। लड़के के माता-पिता के विषय में ठोस जानकारी न मिलने पर उसे वेल्लोर स्थित राज्य सरकार के लड़कों के आश्रयस्थल भेज दिया गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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