लूकस की हत्या से झारखंड में छाया मातम
रांची। बिहार के लखीसराय जिले से शुक्रवार को जिस पुलिसकर्मी का शव बरामद किया गया है उसका संबंध झारखण्ड के सिमडेगा जिले के एक गरीब जनजातीय परिवार से है। नक्सलियों ने लुकस और तीन अन्य पुलिसकर्मियों को रविवार को अगवा कर लिया था।
लुकस झारखण्ड के दूसरे ऐसे पुलिसकर्मी हैं जिनकी नक्सलियों ने अगवा करने के बाद हत्या की है। इससे पूर्व पिछले साल सितंबर में झारखण्ड के खूंटी जिले से नक्सलियों ने फ्रांसिस इंदवार को अगवा कर लिया था। बाद में उन्होंने इंदवार की हत्या कर दी थी। पिछले साल अक्टूबर के पहले सप्ताह में रांची-जमशेदपुर राजमार्ग की रायसी घाटी से इंदवार का शव बिरामद किया गया था।
लुकस अपने पीछे पत्नी प्यारी और तीन बच्चियों एंजला, मैजुला और नीलम को छोड़ गए हैं। लुकस की पत्नी अपनी तीनों बच्चियों के साथ गुरुवार को पटना में बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार से मिलने और अपने पति की सुरक्षित रिहाई की अपील करने गईं थीं। झारखण्ड में लुकस टेटे की हत्या की कड़ी निंदा की गई है।
नक्सलियों द्वारा बंधक बनाए गए चार पुलिसकर्मियों में से दो झारखण्ड के निवासी हैं, जिनमें से एक की हत्या कर दी गई है। रांची के मांडर प्रखण्ड के निवासी एहतेसाम खान अभी तक नक्सलियों के कब्जे में हैं। खान की पत्नी फरीदा खानम ने कहा है कि यदि उनके पति की हत्या हुई तो वह भी खुदकुशी कर लेंगी। उन्होंने नक्सलियों से अपने पति को छोड़ देने की अपील की है।












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