पाकिस्तान के क्वेटा में मरने वालों की संख्या 73 हुई (लीड-7)
प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने आत्मघाती हमले की कड़ी निंदा की तथा घटना की तुरंत जांच का आदेश दिया।
इस बीच पाकिस्तान के प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-झांगवी ने क्वेटा में हुए आत्मघाती विस्फोट की जिम्मेदारी ली। पंजाब प्रांत में सुन्नी समुदाय के इस संगठन की स्थापना 1996 में हुई थी। संगठन ने आत्मघाती हमलावर का नाम राशिद मोआविया (22) बताया है।
बम निरोधक दस्ता के अधिकारियों ने पुष्टि की कि आत्मघाती हमलावर द्वारा खुद को उड़ा लिए जाने के कारण विस्फोट हुआ। अब तक 59 शवों को कंबाइंड मिलिटरी हॉस्पिटल (सीएमएच) तथा 10 शव सिविल अस्पताल में लाए गए हैं, जबकि बोलन मेडिकल कॉम्प्लेक्स में चार शवों को लाया गया है।
मरने वालों में आज टीवी का चालक मुहम्मद सरवर भी है, जबकि जुलूस के कवरेज के लिए गए कई कैमरामैन घायल हो गए। शहर के पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जुलूस में शामिल लोगों को मीरजान चौक पहुंचने से पहले तितर-वितर हो जाने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया।
उन्होंने बताया कि उग्र शियाओं ने घटना के बाद हवा में गोलियां चलाईं तथा एक सरकारी इमारत में आग भी लगा दी। एक स्थानीय टीवी चैनल की डीएसएनजी वैन में भी आग लगाई गई, जिसकी खिड़कियों के शीशे चकनाचूर हो गए।
अधिकारी ने बताया कि क्वेटा के अस्पतालों में आपातकाल घोषित कर दिया गया है। जुम्मे की नमाज के बाद देशभर में शियाओं के जुलूस निकाले जाने की योजना थी, जिस कारण सुरक्षा बलों को आतंकी धमकियों के मद्देनजर पूरी तरह सचेत कर दिया गया था।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक बम विस्फोट करने वाले ने फिलीस्तीनी लोगों के समर्थन में निकाली गई रैली में हजारों लोगों के बीच घुसकर खुद को उड़ा लिया। वह 15 किलो विस्फोटक लिए हुए था। हमला दोपहर बाद तीन बजे के आसपास किया गया। शिया समुदाय की इस रैली में लगभग 2,500 लोग शामिल थे।
दूसरी ओर, पाकिस्तान के पश्चिमोत्तर इलाके में एक मस्जिद में हुए शक्तिशाली विस्फोट में दो लोगों की मौत हो गई और पेशावर शहर में शुक्रवार को पुलिस की एक वन के निकट हुए बम विस्फोट में एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट उस समय हुआ जब खबर-पख्तूनख्वा प्रांत के मरदान इलाके में अल्पसंख्यक अहमदी समुदाय के लोग इबादत कर रहे थे। विस्फोट में छह लोग घायल हो गए।
स्थानीय समाचार पत्र 'डॉन' के मुताबिक पेशावर के बाहरी इलाके में स्थित अचीनी बाला क्षेत्र में रिंग रोड पर हुए बम विस्फोट में पुलिस वैन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। यह बम विस्फोट रिमोट कंट्रोल की मदद से किया गया था। घायल पुलिसकर्मियों को तत्काल समीप के अस्पताल में भर्ती कराया गया।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले गत बुधवार को लाहौर में थोड़े समय के अंतराल पर हुए तीन विस्फोटों में कम से कम 35 लोग मारे गए थे और 200 से अधिक लोग जख्मी हो गए थे। पहला विस्फोट लाहौर के लोवर मॉल इलाके में कर्बला गामे शाह के निकट हुआ जबकि दूसरा और तीसरा विस्फोट भट्टी चौक के निकट हुआ था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications