बिहार : नक्सलियों ने 1 पुलिसकर्मी को मारा, 3 के लिए नया अल्टीमेटम (राउंडअप)

नक्सलियों ने इन पुलिसकर्मियों को छोड़ने के एवज में सरकार के सामने पहले बुधवार को चार बजे शाम तक तथा बाद में गुरुवार 10 बजे तक का अल्टीमेटम दिया था।

प्रतिबंधित संगठन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के मुंगेर-जमुई-लखीसराय जोन के स्वयंभू प्रवक्ता अविनाश ने गुरुवार शाम स्थानीय चैनलों से बात करते हुए दावा किया कि संगठन ने जन अदालत में सहायक पुलिस निरीक्षक एवं मानिकपुरा थाना के प्रभारी अभय कुमार यादव की हत्या कर दी है। उसने कहा कि उनका शव आज रात सौंप दिया जाएगा।

उसने कहा कि सरकार ने अब तक बातचीत के लिए कोई कारगर पहल नहीं की जिस कारण संगठन को यह कदम उठाना पड़ा। "सरकार नक्सलियों के खिलाफ अभियान चला रही है। आखिर हम क्या करें। कितना इंतजार करें। हम सरकार से वार्ता करने को हर वक्त तैयार हैं।"

अविनाश ने कहा, "हम मुख्यमंत्री से बात करने को भी तैयार हैं। पुलिस प्रशासन का कोई भी अधिकारी हमसे बात कर सकता है लेकिन सरकार तो बातचीत का माहौल ही नहीं बना रही है। आगे क्षेत्र से पुलिस बल हटाया जाए और सरकार बातचीत का माहौल तैयार करे।"

उसने कहा, "अल्टीमेटम की अवधि शुक्रवार को 10 बजे सुबह तक बढ़ा दिया जा रहा है। सरकार हमारी मांगों को इस अवधि तक पूरा नहीं करती है तो बंधक बनाए गए सभी पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी जाएगी।"

बंधक बनाए गए पुलिसकर्मियों में रूपेश कुमार सिन्हा (बेतिया), अभय यादव (बेगूसराय), एहतशाम खान (मांडर, रांची) तथा लुकस टेटे (सिमडेगा, झारखंड) शामिल हैं।

इस बीच, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को नक्सलियों से बातचीत के मुद्दे पर कहा कि वह लोकतांत्रिक तरीके से किसी से भी बातचीत करने को तैयार हैं।

उन्होंने पटना में एक कार्यक्रम में कहा, "राज्य के जिन चार पुलिसकर्मियों को बंधक बनाकर रखा गया है आखिर उनका क्या दोष है। मैं नहीं समझता कि किसी को बंधक बनाकर मोलभाव करना एक अच्छे सिद्घांत का परिचायक है। ये चीजें आदर्श सिद्घांत से अलग हैं।"

उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में वह किसी से भी बात करने को तैयार हैं और इस व्यवस्था में कोई व्यक्ति या कोई संगठन अपनी बात रखने को स्वतंत्र है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस व्यवस्था के तहत कोई भी चुनाव लड़कर जीत हासिलकर सत्ता हासिल करे और सरकार चलाए।

उन्होंने यह भी कहा कि ताकत से किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता। "नक्सली भी इसी समाज के अंग हैं।"

उन्होंने आशा व्यक्त की कि चारों बंधक पुलिसकर्मी जीवित हों और वापस आ जाएं। कुमार ने राज्य और देश के बुद्घिजीवियों से भी इस मामले में आगे आकर बातचीत करने की अपील की।

इसके पूर्व राज्य के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने पटना में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कहा था कि सरकार नक्सलियों के बंधक बने पुलिसकर्मियों की रिहाई के लिए कार्य कर ही है। उन्होंने नक्सलियों से बंधक बनाए गए पुलिसकर्मियों को रिहा करने की अपील भी की है।

पिछले दो दिनों से मुख्यमंत्री आवास के सामने बैठे अभय यादव की पत्नी रजनी देवी की तबियत बिगड़ गई। पुलिस ने उन्हें पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचा दिया है। रजनी देवी का कहना था कि जब तक उनके पति नक्सलियों के पास से लौट नहीं आते तब तक वह मुख्यमंत्री आवास के बाहर बैठी रहेंगी। उनके साथ उनके कई परिजन भी मुख्यमंत्री आवास के सामने डटे हुए हैं। इसके पूर्व रूपेश की मां की भी तबियत मुख्यमंत्री आवास के पास बिगड़ कई थी।

इस बीच, पुलिस मुख्यालय का कहना है कि पुलिस बंधकों के रिहाई के लिए प्रयास कर रही है। पुलिस के अनुसार लखीसराय और जमुई के जंगली क्षेत्रों में नक्सलियों के खिलाफ चलाया जा रहा अभियान तेज कर दिया गया है।

बांका, जमुई तथा भागलपुर में पुलिस को हाई अलर्ट कर दिया गया है तथा यहां के जेलों की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक इन जिलों के सभी थाना को चौकस रहने का निर्देश दिया गया है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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