जन्माष्टमी : देशभर में जन्माष्टमी की धूम (लीड-1)
इस पावन अवसर पर दिल्ली में मंदिरों को फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सुसज्जित किया गया है। भक्तों की सुरक्षा की दृष्टि से कुछ खास मंदिरों में कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। पुलिस कई स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाकर सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रही है।
इस्कॉन, छतरपुर, बिड़ला मंदिर सहित अन्य मंदिरों में पूजा-अर्चना का विशेष माहौल है। सुबह से ही विभिन्न मंदिरों में श्रीकृष्ण के दर्शनों के लिए भक्तों का तांता लगा हुआ है। इस अवसर पर श्रीकृष्ण को खासतौर पर मिसरी और माखन का भोग लगाया जाएगा।
राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील, उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने लोगों को जन्माष्टमी की बधाई दी है। सिंह ने अपने बधाई संदेश में जन्माष्टमी के पर्व को भगवान कृष्ण की शिक्षाओं, अनुशासन, ज्ञान और नि:स्वार्थ भाव से कार्य करने का उत्सव बताया है।
श्रीकृष्ण की आराधना में पूरा बिहार भक्तिमय हो गया है। पटना सहित राज्य के अधिकांश मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। पटना के इस्कॉन, गौड़ीया मठ, श्रीकृष्ण चेतना परिषद सहित कई मंदिरों में गुरुवार को जन्माष्टमी मनाई जा रही है। अवसर पर विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
इस्कॉन ने श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन किया गया है। इस्कॉन, पटना के अध्यक्ष श्रीकृष्ण कृपा दासजी ने बुधवार को बताया कि महोत्सव में जयपुर के प्रसिद्घ नर्तक राजेन्द्र गंगानी अपने कार्यकम प्रस्तुत करेंगे। कार्यक्रम के दौरान भगवान कृष्ण की आरती और चांदी के 208 कलशों द्वारा उनका अभिषेक आकर्षण का मुख्य केंद्र होगा। जन्माष्टमी के मौके पर कई स्थानों पर झांकियां निकाली जाएंगी। कई मंदिरों में रात में भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया है।
इसके अलावा राज्य के बक्सर, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पूर्णिया, औरंगाबाद तथा मुंगेर सहित कई जिलों में भी कुछ स्थानों पर बुधवार को कृष्णजन्मोत्सव मनाया गया तो कुछ सथानों पर गुरुवार को मनाया गया।
उत्तर प्रदेश में अधिकांश मंदिरों में 'जय कन्हैया लाल' के जयकारे और 'गिरधर नागर नंदा, भजो रे हर गोविंदा' के भजन गूंज रहे हैं। श्रीकृष्ण के स्वागत के लिए राजधानी लखनऊ सहित पूरा राज्य धार्मिक उल्लास में डूबा रहा। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के लिए अधिकांश मंदिर सजधज कर तैयार हैं।
कृष्ण जन्मोत्सव के लिए राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर स्थित राधाकृष्ण मंदिर, चौक स्थित कोनेश्वर मंदिर और चिनहट स्थित राधाकृष्ण मंदिर को भव्य तरीके से सजाया गया है। यहां गुरुवार को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया जा रहा है।
राज्य के विभिन्न हिस्सों के मंदिरों में कृष्ण भक्त सुबह से ही जयकारे लगा रहे हैं। पूरा माहौल भक्ति में सराबोर है। मंदिरों में धार्मिक अनुष्ठानों का दौर जारी है।लखनऊ में पुलिस लाइन सहित सैकड़ों स्थानों पर मनमोहक झ्झंकियां सजाई गई हैं। कई स्थानों पर गुरुवार शाम को भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा।
मध्य प्रदेश में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार दो दिन मनाया जा रहा है। बुधवार को जहां इस पर्व को धूमधाम से मनाया गया, वहीं गुरुवार को भी कई स्थानों पर जन्माष्टमी मनाई जा रही है।
धर्माचार्यो के मुताबिक रोहणी नक्षत्र बुधवार से ही लग गया है, इस वजह से एक वर्ग ने इसी दिन श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई और रात 12 बजते ही 'हाथी-घोड़ा पालकी जय कन्हैया लाल की' के जयकारे गूंज उठे। कृष्ण जन्म के साथ ही मंदिरों में उत्सव का दौर शुरू हो गया और श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को बधाइयां दी। वहीं कुछ लोग गुरुवार को रोहणी नक्षत्र की उद्या तिथि होने के कारण इस दिन श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मना रहे हैं।
देवालयों में गुरुवार को भी सुबह से ही भक्तों की भीड़ उमड़ी हुई है और धार्मिक अनुष्ठानों का दौर जारी है। भोपाल के लक्ष्मीनारायण बिड़ला मंदिर में आकर्षक साज-सज्जा की गई है। इसी तरह श्रीजी मंदिर लख्ेारापुरा, बांके बिहारी लालजी के मंदिर में भी इसे गुरुवार को मनाया जा रहा है। प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी मंदिरों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की धूम है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*












Click it and Unblock the Notifications