बाढ़ से 43 अरब डॉलर का नुकसान : गिलानी
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार गिलानी ने कैबिनेट की साप्ताहिक बैठक में कहा कि जुलाई से शुरू हुई भारी बारिश के कारण आई बाढ़ के चलते 30 प्रतिशत कृषि भूमि और 10 प्रतिशत से अधिक आबादी प्रभावित हुई है। फसलें नष्ट हो गई हैं और मवेशी बह गए हैं, घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
गिलानी ने कहा कि अधोसंरचना और सामाजिक क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ है। सड़कें, पुल और सिंचाई व्यवस्था छिन्न-भिन्न हो गई हैं।
गिलानी ने कहा कि बाढ़ के कारण हुई क्षति के चलते आर्थिक वृद्धि 2.5 प्रतिशत कम हो जाएगी। यह मौजूदा वित्त वर्ष के लिए 30 जून तक के प्रारंभिक लक्ष्य, 4.5 प्रतिशत के आधे से थोड़ा अधिक ही है।
गिलानी ने चेतावनी दी है कि बाढ़ का राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के हर क्षेत्र पर व्यापक असर होगा। इसके चलते रोजगार घटेगा और कीमतों में वृद्धि होगी, जिसके कारण गंभीर सामाजिक समस्या पैदा होगी।
बाढ़ के कारण देश में 517 चिकित्सा केंद्र भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। ये चिकित्सा केंद्र पहले से ही अपर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाओं से जूझ रहे थे। जिसके कारण संभावित स्वास्थ्य आपात स्थितियों से निपटना इनके लिए मुश्किल हो गया था।
सहायता देने वाले संगठन बाढ़ प्रभावित उन 500,000 महिलाओं के लिए भी सुविधा मुहैया कराने की आपात तैयारी में लगे हुए हैं, जो अगले छह महीनों में शिशुओं को जन्म देने वाली हैं।
बाढ़ प्रभावित दक्षिण एशियाई देशों के लिए मानवीय समन्वयक मार्टिन मोगवांजा ने कहा, "हम नहीं चाहते कि यह आपदा उन पांच लाख शिशुओं को भी प्रभावित करे, जो अभी पैदा भी नहीं हुए हैं।"
संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने कहा है कि प्रजनन स्वास्थ्य गतिविधियों के लिए 60 लाख डॉलर की आवश्यकता है, लेकिन अब तक मात्र 12 लाख डॉलर, यानी जरूरत का 20 प्रतिशत ही प्राप्त हो पाया है।
संयुक्त राष्ट्र द्वारा पाकिस्तान की सहायता के लिए की गई 46 करोड़ डॉलर की अपील के बाद अब तक 23.50 करोड़ डॉलर की सहायता प्राप्त हुई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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