संयुक्त राष्ट्र के जरिए पाकिस्तान जाएगी भारतीय मदद
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विष्णु प्रकाश ने सोमवार को यहां कहा, "हम भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित राहत राशि को स्वीकार करने के पाकिस्तान के निर्णय का स्वागत करते हैं। अब पाकिस्तान ने सुझाया है कि यह सहायता संयुक्त राष्ट्र के माध्यम से भेजी जाए और हम सहायता भेजे जाने के तरीके तय करने के लिए संयुक्त राष्ट्र की संबंधित एजेंसियों से संपर्क करेंगे।"
पिछले सप्ताह पाकिस्तान के विदेश विभाग ने कहा था कि भारत को संयुक्त राष्ट्र के माध्यम से राहत भेजना चाहिए।
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल बासित ने कहा था कि हमने भारत से कह दिया है कि वह संयुक्त राष्ट्र के जरिए हमें सहायता भेज सकते हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया के विभिन्न हिस्सों से बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए आ रही सभी विदेशी सहायता के लिए संयुक्त राष्ट्र प्रमुख संगठन है।
बासित ने हालांकि इस राजनयिक पेंच के पीछे का कारण नहीं बताया। उन्होंने कहा था, "हमने इस प्रस्ताव की प्रशंसा की है, लेकिन संयुक्त राष्ट्र के रास्ते इसे प्राप्त करने के निर्णय के पीछे के कारण पर सार्वजनिक रूप से चर्चा करना उचित नहीं होगा।"
भारत ने पाकिस्तान में 28 जुलाई से आई बाढ़ के कारण विस्थापित हुए दो करोड़ से अधिक लोगों के पुनर्वास के लिए 50 लाख डालर की सहायता का प्रस्ताव किया है। बाढ़ के कारण पाकिस्तान में इस महीने 1,600 से अधिक लोगों की मौत हो गई है।
पाकिस्तान ने इसके पहले भारतीय मदद स्वीकारने के प्रति उदासीनता दिखाई थी।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी को 19 अगस्त को फोन किया था और मदद का प्रस्ताव दोहराया था। अंतत: विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने न्यूयार्क में मीडिया के समक्ष 20 अगस्त को इस बात की पुष्टि की कि पाकिस्तान ने भारत के प्रस्ताव को स्वीकार करने का निर्णय लिया है।
बाद में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने धन्यवाद के रूप में मनमोहन सिंह को आमों की पेटियां भेजी थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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