बंदरगाहों में फैले जहरीले कचरों की पहचान करेगी समिति
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के उपाध्यक्ष (सेवानिवृत्त) जनरल एन.सी. विज ने बताया, "हमने पाया कि विभिन्न बंदरगाहों पर काफी मात्रा में जहरीले कचरे लावारिस हालत में पड़े हुए हैं। इन खतरनाक वस्तुओं की पहचान एवं उन्हें निष्क्रिय करने के लिए पर्यावरण मंत्रालय के संयुक्त सचिव के नेतृत्व में एक समिति गठित की गई है।"
पूर्व सेना प्रमुख ने कहा कि तेजी से हो रहे औद्योगीकरण के चलते मानव निर्मित आपदा बढ़ रही है, जिसे उचित उपाय कर रोकना पूरी तरह संभव है।
उन्होंने कहा, "रासायनिक, नाभिकीय, जैविक तथा विकिरण से होने वाली आपदा से निपटने के लिए एनडीएमए के पास 10,000 लोगों की जिम्मेदार टीम है।"
उल्लेखनीय है कि गैस रिसाव की घटना 14 जुलाई को हुई थी। अधिकारियों के अनुसार 1997 में कुल 141 सिलिंडरों का आयात किया किया था, लेकिन आयातक इन खतरनाक वस्तुओं को वापस नहीं ले गए जो लगभग 14 वर्षो से खुले में पड़े हुए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications