एआईएडीएमके के 3 कार्यकर्ताओं का मृत्युदंड बरकरार(लीड-1)
इस मामले में सी.मुनियप्पन, मधु उर्फ रविंद्रन और नेदू उर्फ नेदुनचेझियन को दोषी करार दिया गया था।
एआईएडीएमके के कार्यकर्ताओं द्वारा कॉलेज बस में लगाई गई आग के कारण तीनों छात्राएं जिंदा जल कर खाक हो गई थीं और कई अन्य घायल हो गए थे। ये कार्यकर्ता पार्टी प्रमुख जे.जयललिता को 'कोडईकनाल प्लीजैंट स्टे होटल' अनधिकृत निर्माण मामले में दोषी ठहराए जाने के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति पी.सथशिवम और न्यायमूर्ति बी.एस.चौहान की खण्डपीठ ने कहा कि तीनों छात्राओं की मौत जघन्यतम (रेयरेस्ट ऑफ रेयर) श्रेणी में आती है। खण्डपीठ ने कहा कि यह जानते हुए बस पर केरोसिन छिड़कना, कि उसमें छात्राएं सवार हैं और वे वहां से निकल पाने की स्थिति में नहीं हैं, पूर्वनियोजित कार्रवाई थी।
अदालत ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने छात्राओं के साथ बस में सवार शिक्षकों की विनती को भी महत्व नहीं दिया। खण्डपीठ के लिए फैसला लिखते हुए न्यायामूर्ति चौहान ने कहा कि दोषियों का अपराध अमानवीय और क्रूर था। खण्डपीठ ने अपने फैसले में आम जनता और घटनास्थल पर मौजूद पुलिस की भी आलोचना की है, क्योंकि छात्राओं को बचाने के लिए किसी ने कुछ नहीं किया।
फैसले में कहा गया है कि यदि पुलिस ने अपना कर्तव्य निभाया होता तो शायद छात्राओं की जिंदगी बचाई जा सकती थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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